Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कमिश्नरेट पुलिस, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और थाना गंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के दो अंतर्राज्यीय आरोपियों को 5 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया है। जब्त मादक पदार्थ की कीमत लगभग 2.50 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) उमेश प्रसाद गुप्ता के संयुक्त मार्गदर्शन और मॉनिटरिंग में की गई।
पुलिस के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को सूचना मिली थी कि थाना गंज क्षेत्र के रेलवे स्टेशन एक्सप्रेसवे रोड स्थित पानी टंकी के पास दो व्यक्ति बैग में गांजा लेकर खड़े हैं और उसे बेचने की फिराक में हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, ANTF और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर रवाना किया गया। टीम ने मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर दोनों संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम विवेक पाल (22 वर्ष) निवासी लालमन नगर उसराहार थाना उसराहार, जिला इटावा (उत्तर प्रदेश) और मंजीत पाण्डेय (25 वर्ष) निवासी डूढेड़ा, एसएसटी इंटर कॉलेज के पास, थाना विजयनगर, जिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) बताया। तलाशी लेने पर उनके बैग से कुल 5 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही गांजा जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद थाना गंज में अपराध क्रमांक 126/26 के तहत धारा 20बी एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विधिवत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की जानकारी प्राप्त की जा सके। पुलिस अब फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक के आधार पर पूरे तस्करी रैकेट का पता लगाने में जुटी है। यह भी जांच की जा रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और किसे सप्लाई किया जाना था।
अधिकारियों का कहना है कि रायपुर में नशे के कारोबार पर सख्त निगरानी रखी जा रही है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लगातार चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य शहर और राज्य में नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने अन्य संदिग्ध इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है। यह सफलता पुलिस की सतर्कता और समन्वित कार्रवाई का परिणाम मानी जा रही है, जिससे एक अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।