रायपुर में दो गांजा तस्करों को मिली 10-10 साल की जेल
1-1 लाख रुपये जुर्माना
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर की सिविल लाइन थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में गिरफ्तार दो गांजा तस्करों को न्यायालय ने दोषी मानते हुए 10-10 साल का कठोर कारावास और 1-1 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया है। यह फैसला एनडीपीएस कोर्ट, स्पेशल जज शैलेश शर्मा ने सुनाया। जानकारी के अनुसार, रिचिक अग्रहरि और मनोज अग्रहरि, जो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, वर्ष 2021 में 14 किलो गांजे के साथ पकड़े गए थे। उस समय सिविल लाइन थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल 11 गवाहों की गवाही ली गई। गवाहों ने आरोपियों की गांजा तस्करी में संलिप्तता की पुष्टि की। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें कड़ी सजा सुनाई। कोर्ट ने बताया कि रिचिक अग्रहरि और मनोज अग्रहरि ने नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध रूप से संग्रहीत करने का अपराध किया है। अदालत ने इस मामले में यह भी स्पष्ट किया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत गांजा की तस्करी गंभीर अपराध माना जाता है और इसे किसी भी स्थिति में क्षमा नहीं किया जा सकता। सिविल लाइन थाना पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी और एनडीपीएस कोर्ट में सफल मुकदमेबाजी की यह कार्रवाई राजधानी में नशीले पदार्थों की तस्करी पर सख्त संदेश देती है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शहर में इस तरह के नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि दोनों आरोपी लंबे समय से गांजा तस्करी में संलिप्त थे और पुलिस की लगातार गुप्त निगरानी और जांच के बाद उन्हें पकड़ने में सफलता मिली। अदालत ने जुर्माने की राशि भी इस उद्देश्य से तय की कि यह भविष्य में किसी भी तस्कर के लिए चेतावनी का काम करे। इस निर्णय के बाद पुलिस और प्रशासन ने कहा कि नशे और तस्करी के मामलों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही शहरवासियों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।