महासमुंद में दो खाद्य उत्पाद असुरक्षित घोषित, बिक्री पर भी लगा प्रतिबंध
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Mahasamund. महासमुंद। खाद्य सुरक्षा को लेकर जिले में बड़ा कदम उठाते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दो खाद्य उत्पादों को असुरक्षित घोषित कर उनके विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी दुकान या प्रतिष्ठान में ये उत्पाद बिक्री के लिए पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार की गई है। इस संबंध में अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन महासमुंद उमेश वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 36 की उपधारा (3)(ख) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए संबंधित उत्पादों के बैच को जिले में विक्रय के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
टाटा सम्पन्न फाइन बेसन का बैच असुरक्षित
खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार फाइन बेसन ब्रांड “टाटा सम्पन्न” का एक बैच असुरक्षित पाया गया है। विभाग ने बैच क्रमांक GV5H0844D1 को बिक्री के लिए प्रतिबंधित किया है। जानकारी के अनुसार इस उत्पाद की निर्माण तिथि 8 अगस्त 2025 है और इसे 500 ग्राम पैकिंग में बाजार में बेचा जा रहा था। यह उत्पाद टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट लिमिटेड, 1 बिशप लेफ्रॉय रोड, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) द्वारा निर्मित बताया गया है। इस उत्पाद का परीक्षण राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला काली लैब प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल (मध्य प्रदेश) में किया गया, जहां इसे गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर इसे असुरक्षित खाद्य पदार्थ घोषित किया गया है।
पान पसंद खाद्य उत्पाद भी असुरक्षित
इसके अलावा पैक्ड पान पसंद नामक खाद्य उत्पाद को भी असुरक्षित घोषित किया गया है। परीक्षण के दौरान इसमें तंबाकू की मात्रा अधिक पाई गई, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस उत्पाद पर बैच नंबर, पैकिंग तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि तथा निर्माता फर्म का विवरण उपलब्ध नहीं था। ऐसे में इसे भी उपभोक्ताओं के लिए असुरक्षित मानते हुए महासमुंद जिले में इसके विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस उत्पाद का परीक्षण राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला कालीबाड़ी, रायपुर में किया गया था।
व्यापारियों और विक्रेताओं को चेतावनी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले के सभी व्यापारियों, दुकानदारों और खाद्य उत्पाद विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे प्रतिबंधित बैच के इन उत्पादों की बिक्री न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी दुकान या प्रतिष्ठान में ये उत्पाद पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इन उत्पादों का उपयोग न करें। यदि किसी उपभोक्ता को ऐसे प्रतिबंधित उत्पाद बाजार में बिकते हुए दिखाई दें तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर बाजार से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच की जाती है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है।