SP कार्यालय में 2 दिवसीय निरीक्षण, IG बिलासपुर ने दिए कड़े निर्देश

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Update: 2026-02-27 17:35 GMT
Mungeli. मुंगेली। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) ने 25 एवं 26 फरवरी 2026 को जिला मुंगेली में दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) ने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। निरीक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यप्रणाली की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना था।

प्रथम दिवस (25.02.2026)
पहले दिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय मुंगेली का विस्तृत निरीक्षण किया गया। कार्यालयीन अभिलेखों और रिकार्ड की समीक्षा कर उन्हें अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। इसके बाद थाना लोरमी, थाना चिल्फी और थाना फास्टरपुर का निरीक्षण किया गया। पुलिस महानिरीक्षक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बीट सिस्टम के माध्यम से पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंपर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने लंबित अपराधों, मर्ग प्रकरणों और शिकायतों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया। गुण्डा/निगरानी सूची के तहत चेकिंग और रोजनामचा में दर्जीकरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ सीसीटीएनएस प्रणाली का नियमित उपयोग करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान वाहन चोरी की बरामदगी में सशक्त एप और अनुभव QR कोड के माध्यम से आम नागरिकों से फीडबैक लेने की उपयोगिता पर विशेष चर्चा की गई।

द्वितीय दिवस (26.02.2026)
दूसरे दिन रक्षित केन्द्र मुंगेली में परेड निरीक्षण किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों के वर्दी टर्नआउट, अनुशासन और शारीरिक सुदृढ़ता की समीक्षा की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद 03 नवनिर्मित शस्त्रागार भवन का लोकार्पण किया गया। निरीक्षण में अभिलेखों और दस्तावेजों का परीक्षण किया गया तथा सुधार हेतु दिशा-निर्देश दिए गए। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, चोरी की बाइक बरामदगी में ईनाम देने और लंबित मामलों को त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए।
पुलिस महानिरीक्षक ने निर्देश दिए कि प्रत्येक आरक्षक को 03-04 गांवों की जिम्मेदारी दी जाए और हर बीट में वॉट्सएप ग्रुप बनाकर जनप्रतिनिधि, पुलिस मित्र और शासकीय कर्मचारियों को जोड़कर अपराध निवारण और साइबर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। निरीक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि “अनुभव QR कोड” के माध्यम से नागरिक सीधे पुलिस कार्यप्रणाली से संवाद स्थापित कर सकते हैं। इससे पुलिस की जवाबदेही और आम जनता के साथ समन्वय बढ़ेगा। निरीक्षण में जिला के समस्त थाना प्रभारी, अधिकारी और कर्मचारियों ने भाग लिया। पुलिस महानिरीक्षक ने सभी को अपराध नियंत्रण, प्रशासनिक अनुशासन और तकनीकी दक्षता में उत्कृष्टता बनाए रखने के लिए लगातार मेहनत करने का संदेश दिया। यह निरीक्षण जिले में पुलिसिंग की गुणवत्ता बढ़ाने, लंबित मामलों का त्वरित समाधान और नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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