Surguja. सरगुजा। जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र में दर्दनाक हादसा सामने आया है। आंगनबाड़ी केंद्र से घर लौट रहे दो बच्चे पानी से भरे गड्ढे में डूब गए। हादसे में 5 वर्षीय बच्ची जया विश्वकर्मा की मौत हो गई, जबकि 6 वर्षीय रीतिक की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने समय रहते दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन एक बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी।
खेलते-खेलते पानी भरे गड्ढे में गिरे बच्चे
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को लुंड्रा के आंगनबाड़ी केंद्र में सेमरपारा के बच्चे पढ़ने पहुंचे थे। इसी दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में बैठक होने के कारण बच्चों की छुट्टी सामान्य समय से पहले कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि छुट्टी के बाद 5 साल की जया विश्वकर्मा और 6 साल का रीतिक खेलते-खेलते आंगनबाड़ी केंद्र से करीब 50 मीटर दूर निर्माणाधीन प्री-मैट्रिक छात्रावास भवन के पास पहुंच गए। वहां बारिश के कारण पानी से भरा गहरा गड्ढा बना हुआ था। खेलते समय दोनों बच्चे अचानक गड्ढे में गिर गए और पानी में डूबने लगे।
बच्चों के शोर मचाने पर पहुंचे मजदूर
घटना के दौरान आसपास खेल रहे कुछ बच्चों ने दोनों को पानी में डूबते देखा। उन्होंने तुरंत शोर मचाया। आवाज सुनकर निर्माणाधीन छात्रावास भवन में काम कर रहे मजदूर और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे।  मजदूरों ने बिना देर किए पानी में उतरकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला। उस समय दोनों बच्चे बेहोशी की हालत में थे। ग्रामीणों ने दोनों को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद जया विश्वकर्मा को मृत घोषित कर दिया। वहीं रीतिक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
पुलिस ने शुरू की जांच
लुंड्रा थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र गए थे। वहां से खेलने के दौरान वे पानी से भरे गड्ढे के पास पहुंच गए और हादसे का शिकार हो गए। पुलिस ने मामले में परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। घटना की जांच की जा रही है।
आंगनबाड़ी विभाग ने लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी जेआर प्रधान लुंड्रा पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि गुरुवार को आंगनबाड़ी केंद्र में बैठक आयोजित की गई थी, जिसके कारण बच्चों की छुट्टी जल्दी कर दी गई थी। जेआर प्रधान के अनुसार, आंगनबाड़ी सहायिका दोनों बच्चों के साथ मृत बच्ची की बड़ी बहन और एक अन्य बच्ची को उनके घर तक छोड़ने गई थी। इसके बाद दोनों बच्चे वापस लौटे और खेलते हुए पानी भरे गड्ढे तक पहुंच गए।
CCTV फुटेज में दिखी बच्चों को छोड़ने की जानकारी
अधिकारियों के मुताबिक, बच्चों को घर छोड़ने जाने का सीसीटीवी फुटेज भी मिला है। जांच में शुरुआती तौर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका की लापरवाही सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि सहायिका ने बच्चों के मोहल्ले में करीब डेढ़ साल के बच्चे की मां रीतू नाम की महिला को रेडी-टू-ईट सामग्री भी उपलब्ध कराई थी, जिसकी फोटो भी ली गई है। फिलहाल प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि निर्माणाधीन भवनों के आसपास बने खुले गड्ढों को सुरक्षित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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