Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित शताब्दी गार्डन में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अधिकारियों की बैठक से पहले आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने मौलश्री का पौधा लगाया और हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पौधरोपण कार्यक्रम में भाग लिया। शताब्दी गार्डन में मौलश्री सहित विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधे लगाए गए।
शताब्दी गार्डन को पब्लिक गार्डन के रूप में विकसित करने के निर्देश
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने पौधरोपण के दौरान शताब्दी गार्डन के रखरखाव और विकास को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को गार्डन का बेहतर संधारण सुनिश्चित करने और इसे पब्लिक गार्डन के रूप में विकसित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि गार्डन को इस प्रकार विकसित किया जाए, जिससे आम नागरिक भी इसका लाभ उठा सकें। इस पहल से कलेक्ट्रेट परिसर में हरियाली बढ़ने के साथ नागरिकों को एक व्यवस्थित सार्वजनिक उद्यान उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों ने भी लगाए फलदार पौधे
पौधरोपण कार्यक्रम में वन मंडलाधिकारी सी.पी. अग्रवाल, अतिरिक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास पुलक भट्टाचार्य और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने भी हिस्सा लिया। इसके अलावा नगर निगम भिलाई की आयुक्त सुरूचि सिंह, नगर निगम दुर्ग की आयुक्त लीना कोसम, नगर निगम भिलाई-चरौदा के आयुक्त डी. राजपूत और एसडीएम दुर्ग सोनाल डेविड ने मौलश्री तथा अन्य प्रजातियों के फलदार पौधे लगाए। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विकास का संदेश दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण के साथ नागरिक सुविधाओं पर जोर
शताब्दी गार्डन में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ हरित क्षेत्र के विकास को प्रोत्साहित करना रहा। मौलश्री और फलदार पौधों का रोपण परिसर को हरा-भरा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। वहीं, प्रमुख सचिव द्वारा गार्डन को सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित करने के निर्देश से इसके बेहतर रखरखाव और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है। शताब्दी गार्डन को पब्लिक गार्डन के रूप में विकसित किए जाने से स्थानीय नागरिकों को हरियाली से युक्त वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।