कलेक्टर गोपाल वर्मा की अध्यक्षता में तम्बाकू नियंत्रण बैठक

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Update: 2026-02-18 14:39 GMT
Bodla. बोडला। कलेक्टर गोपाल वर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले में तम्बाकू नियंत्रण से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा की गई और प्रभावी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर वर्मा ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे समन्वित प्रयासों के साथ तम्बाकू नियंत्रण के कार्यों को निरंतर जारी रखें, ताकि जिले को तम्बाकू मुक्त बनाने की दिशा में ठोस परिणाम प्राप्त हो सकें।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे ने कार्यक्रम के उद्देश्य और तम्बाकू के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। इसके साथ ही जिला नोडल अधिकारी (एनटीसीपी) डॉ. रोशनी पटेल ने राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के उद्देश्यों, कोटपा अधिनियम-2003 के प्रावधानों और तम्बाकू मुक्त ग्राम पंचायत बनाने की दिशा में की जा रही पहलों की जानकारी दी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुपमा तिवारी ने विभिन्न विभागों के समन्वय से संचालित गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
बैठक में तय किया गया कि कोटपा-2003 के नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कवर्धा शहरी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जिला चिकित्सालय के सामने स्थित पान दुकानों, किराना स्टोर्स, थोक विक्रेताओं और शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में स्थित दुकानों की जांच की गई। अभियान के दौरान धारा 04 और 06 के तहत कुल 30 चालान काटे गए। अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के विरुद्ध भी चालानी कार्रवाई की गई। साथ ही दुकानदारों और आम नागरिकों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया और कोटपा-2003 के नियमों का पालन करने के लिए समझाइश दी गई। नियमों और संबंधित धाराओं की जानकारी वाले पाम्फलेट्स भी वितरित किए गए।
इसके अतिरिक्त, प्राथमिक शाला खजरी में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें तम्बाकू के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में तम्बाकू के प्रयोग को रोकने के प्रति जागरूकता पैदा करना है। अभियान का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी, एनटीसीपी डॉ. रोशनी पटेल और देवेन्द्र ध्रुव ने किया। अभियान में श्रम विभाग, पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल रहे, जिन्होंने तम्बाकू नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं पर सक्रिय भागीदारी दिखाई।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बैठक में कहा कि समन्वित प्रयासों और नियमित निगरानी से ही जिले में तम्बाकू मुक्त माहौल बनाने में सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने सभी विभागों से अपील की कि वे जनसामान्य और दुकानदारों के बीच तम्बाकू के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए लगातार प्रयास करते रहें। इस अभियान से जिले में तम्बाकू नियंत्रण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने में मदद मिलेगी।
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