Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। जिले के देवरी गांव में हसदेव नदी के तेज बहाव में बहे तीन युवकों में से एक का शव शनिवार सुबह बरामद कर लिया गया है। घटना में चिरमिरी निवासी पवन पाल का शव नदी में घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर मिला है। वहीं अंबिकापुर निवासी सचिन और कवर्धा निवासी मुरारी साहू की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस और डीडीआरएफ की टीम लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही है। जानकारी के अनुसार घटना देवरी गांव की है, जहां शुक्रवार को बिलासपुर के चौकसे फार्मेसी कॉलेज में पढ़ने वाले 7 छात्र-छात्राओं का समूह पिकनिक मनाने पहुंचा था। सभी छात्र-छात्राएं किराए की कार से हसदेव नदी के बीच बने टापू पर पहुंचे थे। वहां बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर सभी मैगी खाने लगे।
हाथ धोने नदी में उतरा युवक, फिर हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक युवक हाथ धोने के लिए नदी में उतरा। अचानक तेज बहाव की चपेट में आने से वह बहने लगा। उसे डूबता देखकर उसके दो दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन दोनों भी नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना के दौरान कार चालक ने भी युवकों को बचाने का प्रयास किया। उसने नदी में उतरकर मदद करने की कोशिश की, लेकिन तेज धारा के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और वापस लौट आया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम और डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और युवकों की तलाश शुरू की गई।
अंधेरा होने से रोका गया रेस्क्यू
शुक्रवार देर शाम तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा। शनिवार सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान टीम को घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर पवन पाल का शव मिला। एसडीएम अकलतरा सुमित बघेल ने बताया कि देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया था। अंधेरा होने के कारण सुबह दोबारा तलाश शुरू की गई। एक युवक का शव मिल गया है, जबकि बाकी दो युवकों की तलाश में टीम लगातार जुटी हुई है।
पर्यटकों को आकर्षित करता है नदी का टापू
देवरी गांव में हसदेव नदी के बीच बना टापू और पत्थरों का टीला पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। हालांकि स्थानीय ग्रामीण इस स्थान को देवी-देवताओं से जुड़ा हुआ मानते हैं और हर तीन साल में यहां पूजा-अर्चना भी करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के तेज बहाव और खतरनाक परिस्थितियों के कारण यह स्थान काफी जोखिम भरा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में यहां कई हादसे हो चुके हैं। उनका दावा है कि पांच साल में 15 से अधिक युवक-युवतियों की मौत इस क्षेत्र में हो चुकी है। इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यहां पहुंचते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जिला प्रशासन की ओर से नदी क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इसके अलावा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। नदी के खतरनाक हिस्सों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। फिलहाल प्रशासन और रेस्क्यू टीम की प्राथमिकता लापता दोनों युवकों को सुरक्षित तलाशना है। हसदेव नदी के तेज बहाव को देखते हुए टीम पूरी सावधानी के साथ अभियान चला रही है।
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