रायपुर में तीन कुख्यात बदमाशों पर गिरी जिला बदर की गाज, कलेक्टर ने जारी किए आदेश
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी पुलिस की निगरानी सूची में शामिल तीन कुख्यात बदमाशों को आखिरकार जिला बदर कर दिया गया है। कलेक्टर ने इन अपराधियों के विरुद्ध लगातार बढ़ते अपराधों और सामाजिक शांति भंग करने की आशंका को देखते हुए सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें रायपुर जिले से बाहर करने का आदेश जारी किया है। जिला बदर किए गए तीनों अपराधियों पर आबकारी एक्ट, NDPS एक्ट, सट्टा एक्ट समेत मारपीट, जान से मारने की धमकी, अवैध कारोबार और अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार ये तीनों लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे और इलाके के लोगों के लिए दहशत का कारण बने हुए थे।
जिला बदर किए गए अपराधियों के नाम और थाने
अरुण यादव – थाना आज़ाद चौक का निगरानी बदमाश
मोहम्मद आमिर – थाना उरला का निगरानी बदमाश
रामकृष्ण उर्फ बांगा उर्फ राम तिवारी – थाना धरसींवा का बदमाश
इन तीनों को प्रशासन ने चिन्हित कर लंबे समय तक निगरानी रखी थी। बार-बार समझाइश और चेतावनी के बावजूद इनके आपराधिक कृत्यों में कमी नहीं आई, जिसके चलते यह कड़ा कदम उठाया गया।
अपराधों का लंबा इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इन बदमाशों पर सट्टेबाजी, अवैध शराब और गांजा-नशीले पदार्थों की तस्करी, मारपीट, धमकी और असामाजिक गतिविधियों के कई मामले दर्ज हैं।
अरुण यादव – आजाद चौक थाना क्षेत्र में सक्रिय, लोगों को डराकर अवैध वसूली और सट्टा संचालन में संलिप्त।
मोहम्मद आमिर – उरला थाना क्षेत्र का शातिर अपराधी, NDPS एक्ट के तहत नशे के कारोबार से जुड़ा, कई बार गिरफ्तार हो चुका है।
रामकृष्ण उर्फ बांगा उर्फ राम तिवारी – धरसींवा थाना क्षेत्र का बदमाश, शराब तस्करी, मारपीट और धमकी जैसे अपराधों में लिप्त।
जिला बदर का मतलब क्या है?
जिला बदर की कार्रवाई छत्तीसगढ़ गोण्डा एक्ट (CG Goonda Act) और प्रशासनिक शक्तियों के तहत की जाती है। इसके तहत अपराधियों को उनके जिले से एक निश्चित अवधि तक बाहर रहने का आदेश दिया जाता है। ऐसा इसलिए ताकि अपराधी स्थानीय क्षेत्र में सक्रिय होकर लोगों को नुकसान न पहुंचा सके और सामाजिक शांति भंग न हो। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार ये तीनों आरोपी आगामी महीनों तक रायपुर जिले की सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
पुलिस प्रशासन की सख्ती
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। लगातार निगरानी रखी जा रही है और जिन अपराधियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं, उन पर या तो कड़ी कार्रवाई होगी या उन्हें जिला बदर किया जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा और शांति बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी है और असामाजिक तत्वों पर लगाम कसने के लिए इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।