Dhamtari. धमतरी। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए धमतरी प्रशासन और पुलिस लगातार सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इसी क्रम में जिला कलेक्टर एवं दंडाधिकारी धमतरी ने पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर तीन आदतन बदमाशों को एक वर्ष के लिए जिला बदर करने का आदेश पारित किया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क) और 5(ख) के तहत की गई है। आदेश के अनुसार, तीनों अपराधियों को जिला धमतरी और इसके समीपवर्ती रायपुर, बालोद, कांकेर, गरियाबंद, दुर्ग और कोण्डागांव जिलों की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष के लिए बाहर रहने का निर्देश दिया गया है। इन अपराधियों पर कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, और उनकी गतिविधियों से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का वातावरण बन रहा था।
जिला बदर किए गए तीनों बदमाश
सागर ढीमर उर्फ वाल्मिकी ढीमर उर्फ चेपटा, पिता स्व. गंगाधर ढीमर, उम्र 22 वर्ष, निवासी रामसागर पारा, थाना सिटी कोतवाली धमतरी — एक वर्ष के लिए जिला बदर।
टुमेन्द्र लहरे, पिता जगदीश लहरे, उम्र 25 वर्ष, निवासी हटकेशर वार्ड, थाना सिटी कोतवाली धमतरी — एक वर्ष के लिए जिला बदर।
राम सोनकर उर्फ ढोलू, पिता स्व. जेठूराम सोनकर, उम्र 26 वर्ष, निवासी कारगिल चौक, महिमा सागर वार्ड, थाना सिटी कोतवाली धमतरी — एक वर्ष के लिए जिला बदर।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
जिला दंडाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि तीनों बदमाश एक वर्ष की अवधि समाप्त होने से पहले सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना जिले की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यदि वे आदेश का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें बलपूर्वक जिले की सीमा से बाहर निकाला जाएगा, और राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस प्रशासन अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रहा है।
धमतरी पुलिस का सख्त रुख — अपराधियों के खिलाफ जारी अभियान
धमतरी पुलिस ने वर्ष 2025 में अपराध नियंत्रण के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। पुलिस ने अपराधियों की पहचान, निगरानी और कानूनी कार्रवाई के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया है।
27 गुंडा-बदमाशों के विरुद्ध सामाजिक गुंडा फाइल खोली गई है।
8 निगरानीशुदा अपराधियों के खिलाफ निगरानी फाइल तैयार की गई है।
13 प्रकरण जिला दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 10 अपराधियों को जिला बदर किया जा चुका है।
1 प्रकरण राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
इसके अलावा जिले में आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत अब तक 35 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने चाकूबाजी और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है।
NDPS एक्ट के तहत संपत्ति कुर्की
धमतरी पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार और तस्करी पर नकेल कसने के लिए भी निर्णायक कदम उठाए हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों — करण धूरी, उषा धूरी और आरती रजक — के विरुद्ध NDPS (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस) एक्ट के तहत कार्रवाई की है। इनके खिलाफ पीट एनडीपीएस के तहत संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए गए हैं। यह कदम प्रदेश में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा है।
जिला स्तरीय परेड और जनसंदेश
पुलिस ने इस वर्ष दो जिला स्तरीय परेड का आयोजन भी किया, जिसमें जिले के गुंडा-बदमाशों और निगरानीशुदा अपराधियों को पुलिस लाइन में बुलाया गया। इस दौरान उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई और भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल न होने की शपथ दिलाई गई। साथ ही, सभी को नशे के व्यापार, मादक पदार्थों की तस्करी और असामाजिक तत्वों से दूरी बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब धमतरी में किसी भी प्रकार की आपराधिक हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला पुलिस का संदेश: अपराधमुक्त धमतरी हमारा लक्ष्य
धमतरी पुलिस ने कहा है कि आदतन अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का मुख्य उद्देश्य जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और अपराधियों को यह संदेश देना कि जिले में अब कानून के उल्लंघन की कोई जगह नहीं है। यही पुलिस की प्राथमिकता है। धमतरी पुलिस अधीक्षक ने कहा, “हम जिले को अपराधमुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जो भी व्यक्ति समाज के लिए खतरा बनेगा, उसके खिलाफ जिला बदर, एनडीपीएस या एनएसए जैसी सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।”