Bilaspur. बिलासपुर। महिला का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर ब्लैकमेल और प्रताड़ित करने के मामले में मस्तूरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों पर अश्लील वीडियो वायरल करने, धमकी देने और जातिगत अपमान करने सहित कई गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय चौधरी (23 वर्ष), नरेश पटेल (24 वर्ष) और पीताम्बर सिंह (38 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी खपरी लिमतरा थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर के रहने वाले हैं।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किया प्रताड़ित
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी मनोहर कुमार चौहान ने मस्तूरी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके भाई कमल चौहान हार्वेस्टर और ट्रैक्टर से कृषि परिवहन का व्यवसाय करते हैं। व्यवसाय की देखरेख के लिए गांव के पीताम्बर सिंह, अजय चौधरी और अन्य लोगों को जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में हिसाब-किताब में गड़बड़ी और बेईमानी की शिकायत मिलने पर उन्हें काम से हटा दिया गया था। इसके बाद आरोपियों ने कथित रूप से रंजिश रखते हुए शराब के नशे में 9 जुलाई 2026 की रात करीब 10 बजे कमल चौहान के पास पहुंचकर विवाद किया। इस दौरान आरोपियों ने जातिगत टिप्पणी करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने योगेश चौहान और उनकी पत्नी राजकुमारी चौहान का अश्लील वीडियो दिखाया और उसे मोबाइल के जरिए सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
मस्तूरी पुलिस और साइबर सेल ने की संयुक्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 542/2026 दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 77, 79, 296, 351(3), आईटी एक्ट की धारा 66E, 67, 67B और एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई। जांच के दौरान मस्तूरी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने महिला का अश्लील वीडियो वायरल करने की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
तीनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजे गए
पुलिस ने आरोपियों को 12 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया। इसके बाद 13 अगस्त 2026 को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मस्तूरी पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस वीडियो वायरल करने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की गरिमा से जुड़े मामलों में पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।