रेलवे परियोजना में करोड़ों की चोरी का खुलासा, ऑपरेटर और कबाड़ी वाला गिरफ्तार

छग

Update: 2026-02-01 14:42 GMT
Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गेवरा-सेन्दुरगढ़ रेलवे लाइन निर्माण परियोजना से जुड़े एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कटघोरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के ही एक ऑपरेटर और एक कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने स्टोर से करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य का लोहे का सामान और पुरानी रेल पटरियां चोरी-छिपे बाहर बेच दी थीं। मामला शिवाकृति इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी से जुड़ा है। कंपनी के मुख्य प्रोजेक्ट मैनेजर सुरेंद्र कुमार जांगिड़ ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सिंघिया और सुतर्रा स्थित स्टोर से करोड़ों रुपये मूल्य का लोहे का सामान गायब है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर एसडीओपी कटघोरा विजय सिंह राजपूत के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने गार्ड और कर्मचारियों से कड़ाई से पूछताछ की। जांच में यह खुलासा हुआ कि चोरी बाहरी नहीं बल्कि कंपनी के अंदर ही हुई थी। ऑपरेटर तेजबहादुर पटेल ने स्वीकार किया कि वह पिछले चार महीनों से लगातार लोहे के स्क्रैप और पुरानी रेलवे पटरियों के टुकड़े चोरी करके बेच रहा था। जांच में यह भी पता चला कि तेजबहादुर पटेल ने अपने सहयोगी राहुल सिंह मरकाम के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। राहुल सिंह मरकाम कबाड़ी था, जो चोरी का सामान खरीदता था और बाजार में बेचता था।

पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
तेजबहादुर पटेल (26 वर्ष) – निवासी प्रयागराज, यूपी, जो सुतर्रा में रहकर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। आरोपी के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल JCB (RJ 14 EA 6446) और नकद राशि जब्त की गई।
राहुल सिंह मरकाम (28 वर्ष) – निवासी पुरानी बस्ती कटघोरा, जो कबाड़ी का काम करता था। उसके पास से करीब 2 क्विंटल रेलवे पटरी के टुकड़े बरामद हुए।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 317(2), 317(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब शेष करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य के लोहे और पुरानी रेलवे पटरियों की बरामदगी के लिए विस्तृत जांच कर रही है।
अधिकारियों
का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी में सुरक्षा व्यवस्था और स्टोर निरीक्षण प्रणाली की भी जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने रेलवे परियोजना और निर्माण सामग्री की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और पूरे जिले में समान प्रकार की घोटालों की संभावनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है।
Tags:    

Similar News