Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। छावनी थाना क्षेत्र में वाहन से चोरी किए गए 36 सिलेंडरों के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 20 घरेलू एलपीजी सिलेंडर और चोरी में इस्तेमाल किया गया महिंद्रा मैक्सेमो प्लस वाहन बरामद किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

साक्षरता चौक के पास चोरी हुए थे सिलेंडर
जानकारी के अनुसार, 18 सितंबर 2026 को साक्षरता चौक कैंप-01 भिलाई के पास खड़े महिंद्रा मैक्सेमो प्लस वाहन से 36 भरे हुए घरेलू इंडेन गैस सिलेंडर चोरी हो गए थे। वाहन मालिक घनश्याम कुर्रे, निवासी ग्राम कुटेला भाठा, चौकी जेवरा सिरसा, थाना पुलगांव ने 19 सितंबर को छावनी थाना पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 647/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पूछताछ में मुख्य आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से जानकारी जुटाई। उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने प्रमोद देवांगन की पहचान की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की घटना में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि चोरी किए गए 36 सिलेंडरों में से 16 सिलेंडर जामुल क्षेत्र के अहिवारा रोड स्थित जय अंबे शोरूम के पीछे छिपाकर रखे गए थे। वहीं, बाकी 20 सिलेंडर अलग-अलग लोगों को 2 हजार रुपए प्रति सिलेंडर के हिसाब से बेच दिए गए थे।

आरोपियों से बरामद हुए 20 सिलेंडर
मुख्य आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने अन्य आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 20 घरेलू एलपीजी सिलेंडर बरामद किए। इसके अलावा मुख्य आरोपी की निशानदेही पर महिंद्रा मैक्सेमो प्लस वाहन और पांच अन्य सिलेंडर भी जब्त किए गए। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है।

आठ आरोपियों को भेजा गया जेल
मामले में पुलिस ने प्रमोद देवांगन सहित सुरेंद्र कुशवाहा, ओमप्रकाश वर्मा, गोपीचंद यादव, बुद्धसेन कुमार साहू, लता वर्मा, उर्वशी पटेल और तुकेश्वरी साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी किए गए सिलेंडरों को छिपाने और बेचने में भूमिका निभाई थी। सभी आरोपियों को विधिवत कार्रवाई के बाद न्यायालय दुर्ग के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि चोरी की सामग्री खरीदने या अपने पास रखने से बचें। पुलिस ने कहा कि चोरी की संपत्ति के क्रय-विक्रय में शामिल लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।
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