गायत्री इंडस्ट्रीज फैक्ट्री में चोरी का पर्दाफाश, तीन आरोपी दबोचे गए

छग

Update: 2025-11-19 15:22 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र स्थित गायत्री इंडस्ट्रीज फैक्ट्री में हुई चोरी के प्रकरण में पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया इनपुट के आधार पर आरोपियों को पकड़ा। वहीं, इस वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार करने पुलिस प्रयासरत है। घटना 18 अक्टूबर 2025 की रात लगभग 2 से 3 बजे के बीच की है। जब अज्ञात चोर रात के अंधेरे में गायत्री इंडस्ट्रीज में घुस गए।

फैक्ट्री में रखे मशीनरी के पुर्जे, केबल, तांबा और अन्य औद्योगिक सामग्री चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान का कुल मूल्य लगभग ₹1,45,000 आंका गया है। फैक्ट्री प्रबंधन की शिकायत पर थाना उरला में अपराध क्रमांक 431/25 दर्ज किया गया, जिसमें धारा 331(4), 305 BNS के तहत मामला पंजीबद्ध हुआ। जांच के दौरान पुलिस टीम ने आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। इसमें कुछ संदिग्धों की गतिविधि सामने आई, जिसके आधार पर पुराने अपराधियों की लोकेशन और
आपराधिक रिकॉर्ड
का भी मिलान किया गया। इसी बीच मुखबिर से प्राप्त सूचना पर अछोली निवासी किशोर, चंदन और अजय को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान तीनों ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली और यह भी बताया कि उन्होंने फरार साथियों के साथ मिलकर फैक्ट्री में सेंधमारी की थी।

गिरफ्तार आरोपी
किशोर चतुर्वेदी, पिता – शत्रुहन चतुर्वेदी, उम्र 26 वर्ष, पता – अछोली सतनामी बस्ती, हीरानगर, उरला रायपुर
चंदन टंडन, पिता – संतलाल टंडन, उम्र 20 वर्ष, पता – अछोली सतनामी बस्ती, हीरानगर, थाना उरला रायपुर
अजय रात्रें, पिता – कुलदीप रात्रें, उम्र 19 वर्ष, पता – सतनामी बस्ती, हीरानगर, अछोली, थाना उरला रायपुर

आरोपियों से चोरी गए सामान को बेचकर प्राप्त की गई ₹2200 की नकद राशि बरामद की गई है। पुलिस ने बताया कि चोरी किए गए औद्योगिक सामान को आरोपियों ने कबाड़ी के जरिए खपाने की कोशिश की थी। उरला पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे और चोरी गए सामान की बरामदगी भी जारी है। पुलिस टीम लगातार संदिग्ध लोकेशनों पर दबिश दे रही है और तकनीकी सर्विलांस का उपयोग कर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीकी जांच के मजबूत उपयोग का उदाहरण है। औद्योगिक क्षेत्रों में चोरी की वारदातों पर नकेल कसने के लिए पुलिस समय-समय पर विशेष अभियान चलाती रही है और इस केस का खुलासा भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Tags:    

Similar News