Raipur. रायपुर। राजधानी के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक ने सार्वजनिक स्थान पर धारदार चाकू लहराकर राहगीरों को डरा-धमकाना शुरू कर दिया। यह पूरी घटना 01 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 1.40 बजे डॉ. राजेन्द्र नगर स्थित बूढ़ी माता चौक के पास रावण पुतला क्षेत्र में घटी। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, सिविल लाइन थाने में पदस्थ उप निरीक्षक अंजना मसीह अपने हमराह स्टाफ आरक्षक होमेद्र (बेल्ट नंबर 1717) एवं विश्वनाथ किपोटा (बेल्ट नंबर 879) के साथ नगर भ्रमण पर थीं। उसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक युवक – गोगा उर्फ विकास यादव, पिता दुर्गेश यादव, उम्र 26 वर्ष, निवासी डॉ. राजेन्द्र नगर, बूढ़ी माता चौक – रावण पुतला के पास चाकू लहराते हुए आने-जाने वाले लोगों को धमका रहा है, जिससे किसी बड़ी घटना की आशंका बन रही थी।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए उपनिरीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरक्षकों के साथ मौके पर पहुंचने से पहले दो स्वतंत्र गवाहों – नयन भाटिया पिता राकेश भाटिया एवं यामीन पिता समउद्दीन – को तलब किया। गवाहों को नोटिस देकर सूचना से अवगत कराया गया तथा पंचनामा तैयार किया गया। टीम जब मौके पर पहुंची तो आरोपी पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगा, जिसे दौड़कर पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम गोगा उर्फ विकास यादव बताया। जब पुलिस ने भागने का कारण पूछा तो उसने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। मुखबिर की सूचना से अवगत कराने के बाद उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसकी पैंट की कमर से एक धारदार एवं नुकीला लोहे का चाकू बरामद किया गया।
आरोपी से चाकू रखने के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने गवाहों की उपस्थिति में आरोपी के पास से चाकू को जप्त कर उसे अपने कब्जे में लिया। आरोपी का यह कृत्य भारतीय शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत दंडनीय पाया गया। मौके पर ही देहाती नालसी तैयार कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया और गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को दी गई। थाने लौटकर आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 00/25 के तहत धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया गया। जब्त किए गए माल (चाकू) को भी सबूत के तौर पर सुरक्षित रखा गया है। गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार चाकू लहराकर आम नागरिकों में भय फैलाना एक गंभीर अपराध है, जो कि आम शांति और सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करता है। पुलिस की त्वरित और सतर्क कार्रवाई से किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को समय रहते टाल दिया गया। इस पूरी कार्यवाही में उप निरीक्षक अंजना मसीह की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने समय पर सूझबूझ दिखाते हुए न केवल आरोपी को पकड़ा, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उचित दस्तावेजी कार्रवाई भी सुनिश्चित की। वहीं, गवाहों की उपस्थिति और पंचनामा की प्रक्रिया से मामले की वैधानिक मजबूती भी सुनिश्चित की गई है।