Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित नशीली टेबलेट की बिक्री करने की फिराक में घूम रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200 नग नाइट्रोसन-10 टेबलेट, 70 हजार रुपये नगद और घटना से संबंधित दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 70 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 7 अगस्त 2026 को की गई। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना गंज क्षेत्र के एक्सप्रेस वे रोड स्थित श्री हरि श्याम जनरल स्टोर्स के पास दो व्यक्ति प्रतिबंधित नशीली टेबलेट लेकर बिक्री करने की फिराक में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर श्री स्मृतिक राजनाला तथा पुलिस उपायुक्त मध्य क्षेत्र श्री तारकेश्वर पटेल ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलने के बाद एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर रवाना किया गया।
पुलिस टीम ने एक्सप्रेस वे रोड पर श्री हरि श्याम जनरल स्टोर्स के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी। कुछ देर बाद मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हांकित किया गया। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम चन्द्रशेखर परमार और अभिषेक कोसले बताया। दोनों महासमुंद जिले के रहने वाले हैं। पुलिस टीम ने दोनों संदिग्धों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से नाइट्रोसन-10 की 200 टेबलेट बरामद हुईं। पुलिस ने आरोपियों से प्रतिबंधित दवा अपने पास रखने और उसकी बिक्री करने से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि, आरोपी किसी प्रकार का वैध दस्तावेज पुलिस के सामने पेश नहीं कर सके। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने टीम को गुमराह करने का प्रयास भी किया।
इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 200 नग नाइट्रोसन-10 टेबलेट के अलावा 70 हजार रुपये नगद और प्रकरण से संबंधित दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। पुलिस ने जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 1 लाख 70 हजार रुपये आंकी है। मामले में थाना गंज में अपराध क्रमांक 239/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट की धारा 22(ग) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे पेश किया गया। पुलिस जांच में आरोपी चन्द्रशेखर परमार का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।
पुलिस के मुताबिक, चन्द्रशेखर वर्ष 2024 में महासमुंद जिले के थाना कोतवाली में दर्ज हत्या के एक मामले में जेल में निरुद्ध रह चुका है। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी प्रतिबंधित नशीली टेबलेट कहां से लेकर आए थे और इनके पीछे किसी बड़े सप्लायर या नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चन्द्रशेखर परमार पिता बाबुलाल परमार, उम्र 27 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 15, घोडारी, पोस्ट बिरकोनी, थाना महासमुंद, जिला महासमुंद तथा अभिषेक कोसले पिता स्वर्गीय खेमन कोसले, उम्र 19 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 14, घोडारी, थाना महासमुंद, जिला महासमुंद के रूप में हुई है। रायपुर पुलिस द्वारा नशीली दवाओं और अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री, परिवहन और सप्लाई में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त नशीली टेबलेट की सप्लाई का स्रोत क्या था और इस कारोबार से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।