कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे से मांग करने पर महिला को त्वरित मिला श्रवण यंत्र
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Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का एक प्रेरणादायक उदाहरण सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में देखने को मिला, जहां कलेक्टर की पहल से एक जरूरतमंद महिला को बड़ी राहत मिली। सुनने में गंभीर परेशानी से जूझ रही जमना मिरी को प्रशासन की मदद से श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद अब वह स्पष्ट रूप से सुन पा रही हैं। इस सहायता से उनके चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार Durgapali ग्राम की निवासी जमना मिरी लंबे समय से सुनने में परेशानी का सामना कर रही थीं। उनकी सुनने की क्षमता काफी कमजोर हो गई थी, जिसके कारण उन्हें रोजमर्रा के काम करने में कठिनाई होती थी। यहां तक कि सड़क पर चलने-फिरने के दौरान भी उन्हें काफी डर बना रहता था, क्योंकि आसपास की आवाजें उन्हें ठीक से सुनाई नहीं देती थीं। इस कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती थी।
अपनी समस्या से परेशान होकर जमना मिरी ने जिला प्रशासन से मदद लेने का फैसला किया। वह आवेदन लेकर सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और अपनी परेशानी से अवगत कराया। मामले को सुनने के बाद Dr. Sanjay Kannauje, कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने इसे गंभीरता से लिया और तुरंत अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर Social Welfare Department ने तत्काल पहल करते हुए जमना मिरी के आवेदन का निराकरण किया। विभाग के अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए महज आधे घंटे के भीतर ही उन्हें श्रवण यंत्र उपलब्ध करा दिया। इतनी तेजी से हुई कार्रवाई से जमना मिरी और उनके परिवार के लोग बेहद खुश नजर आए।
श्रवण यंत्र मिलने के बाद अब जमना मिरी आसपास की आवाजें स्पष्ट रूप से सुन पा रही हैं। इससे उनकी दैनिक जिंदगी काफी आसान हो गई है। पहले जहां उन्हें लोगों की बात समझने में दिक्कत होती थी, वहीं अब वह सामान्य बातचीत आसानी से कर पा रही हैं। इसके साथ ही सड़क पर चलते समय भी उन्हें पहले जैसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। जमना मिरी ने प्रशासन की इस मदद के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने विशेष रूप से कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस पहल से यह संदेश गया है कि शासन-प्रशासन आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और संवेदनशील है। जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिलना ही सुशासन की पहचान है। जिला प्रशासन का कहना है कि आगे भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिल सके। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से दिव्यांगजनों और जरूरतमंद लोगों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता प्रदान की जा रही है। यह घटना प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण बनकर सामने आई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यदि अधिकारी चाहें तो आम लोगों की छोटी-सी समस्या का समाधान भी बहुत तेजी से किया जा सकता है।