New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर में आयोजित 60वें अखिल भारतीय डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन का आज दूसरा दिन बेहद व्यस्त रहा। सुबह शुरू हुई बैठक कुल 11 घंटे तक चली और अब संपन्न हो गई है। इस सम्मेलन में पूरे देश के शीर्ष पुलिस अधिकारी मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बैठक में हिस्सा लिया और विभिन्न सुरक्षा-संबंधित मुद्दों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। सम्मेलन के दूसरे दिन की बैठक में विशेष रूप से पैरामिलिट्री फोर्सेस के अधिकारियों के साथ बातचीत की गई। इसमें BSF, CRPF, ITBP, CISF जैसे बलों के अधिकारी भी शामिल थे। अधिकारियों ने हाल ही में संपन्न ऑपरेशनों की जानकारी साझा की और भविष्य में सुरक्षा योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने एंटी-नक्सल ऑपरेशन, पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े सीमा राज्यों में सुरक्षा बलों के कामकाज और चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि इन सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए लगातार निगरानी और रणनीति बनाई जा रही है। साथ ही फोर्सेस की तैनाती और उनके कार्यों के प्रभाव पर भी बातचीत हुई। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने विभिन्न राज्यों में पुलिस सुधार, अपराध नियंत्रण और सामरिक योजना पर भी विचार विमर्श किया। सम्मेलन का उद्देश्य पुलिस और सुरक्षा बलों के बीच समन्वय बढ़ाना और देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना बताया गया। बैठक के समापन के बाद प्रधानमंत्री मोदी आईआईएम से निकलकर विधानसभा अध्यक्ष के नए बने आवास के लिए रवाना हो गए।
अधिकारियों का कहना है कि सम्मेलन में लिए गए निर्णय और चर्चा किए गए मुद्दे आने वाले समय में सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल-सीमा नियंत्रण जैसी चुनौतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। सम्मेलन में इस बार की मुख्य चर्चा आतंकवाद, नक्सलवाद, सीमा सुरक्षा, और साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखकर की गई। अधिकारियों ने अपने क्षेत्र में हुई सफल अभियानों का भी विवरण साझा किया। सूत्रों के अनुसार, बैठक में कई राज्यों में सुरक्षा बलों की क्षमता और प्रशिक्षण को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी दिए गए। इस तरह के सम्मेलन से न केवल पुलिस बलों में आपसी समन्वय बढ़ता है, बल्कि देश की सुरक्षा नीतियों में भी पारदर्शिता और सामरिक दृष्टिकोण सामने आता है। डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन का यह दूसरा दिन इसलिए महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि इसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस प्रकार 60वां अखिल भारतीय डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन पूरे देश के सुरक्षा तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जहां देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारी और केंद्रीय नेतृत्व ने मिलकर रणनीतियों और आगामी अभियानों पर विचार किया।