पुलिस कल्याण समिति और परामर्शदात्री परिषद की बैठक संपन्न

छग

Update: 2026-01-09 15:38 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस कल्याण समिति एवं परामर्शदात्री परिषद की बैठक आज नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक (भा.पु.से.) अरुण देव गौतम ने की और इसमें पुलिस मुख्यालय में पदस्थ भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य रूप से पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही वर्तमान में पुलिस कर्मियों के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति पर विचार–विमर्श किया गया। परिषद ने पुलिसकर्मियों के हित में भविष्य की योजनाओं और नए सुझावों पर विस्तृत चर्चा भी की।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) (भा.पु.से.) एसआरपी कल्लूरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (योजना–प्रबंधन) (भा.पु.से.) प्रदीप गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (वित्त/सतर्कता/अभियान/छत्तीसगढ़) (भा.पु.से.) विवेकानंद, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण/चयन) (भा.पु.से.) दीपांशु काबरा, तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तचर) (भा.पु.से.) अमित कुमार भी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन पुलिस उप महानिरीक्षक (प्रशासन) (भा.पु.से.) पायल माथुर ने किया। प्रस्तुतिकरण सहायक पुलिस महानिदेशक (लेखा/कल्याण) अनुराग सिंह सिसोदिया ने किया, जिसमें पुलिसकर्मियों के कल्याण, वित्तीय लाभ, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं और विभिन्न सामाजिक योजनाओं की वर्तमान स्थिति को विस्तार से दर्शाया गया। बैठक के दौरान, विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए नए सुझाव प्रस्तुत किए। इसमें विशेष रूप से स्वास्थ्य बीमा, शिक्षा एवं प्रशिक्षण, परामर्श सेवाएं, पेन्शन योजनाएं, और मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

बैठक में यह भी तय किया गया कि पुलिसकर्मियों के हित में निरंतर निगरानी और मूल्यांकन के माध्यम से कल्याण योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) (भा.पु.से.) डीबी नारायण मीणा ने सभी उपस्थित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के कल्याण और उनकी कार्य क्षमता को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ प्रत्येक योग्य कर्मचारी तक पहुँच सके। इस बैठक से स्पष्ट हुआ कि छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन न केवल सुरक्षा व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्ध है, बल्कि अपने कर्मियों के सुविधा, कल्याण और विकास पर भी समान रूप से ध्यान दे रहा है। परामर्शदात्री परिषद और कल्याण समिति के माध्यम से कर्मचारी हित में लिए गए निर्णयों और सुझावों को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
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