Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। जेल निरीक्षण समिति द्वारा जिले के जिला जेल खोखरा का निरीक्षण किया गया, जिसमें जेल में निरुद्ध बंदियों, विशेष रूप से किशोरों की उम्र और कानूनी अनुपालन की जांच की गई। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि सभी बैरकों में मौजूद बंदियों से उम्र संबंधी जानकारी ली गई और निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि जेल में कोई किशोर विधि का उल्लंघन करने वाले या गैरकानूनी तरीके से निरुद्ध नहीं है। निरीक्षण समिति ने जेल कर्मचारियों को निर्देश दिया कि जेलों में प्रवेश देने के समय यदि कोई बंदी 18 वर्ष से कम प्रतीत होता है या उसकी उम्र संदिग्ध लगती है, तो तत्काल समिति के सदस्यों को सूचित किया जाए। इसके पश्चात् समिति द्वारा उम्र सत्यापन कर किशोरों को उचित संप्रेक्षण गृह में संरक्षण की प्रारंभिक कार्यवाही की जाएगी।
यह कदम किशोर न्याय अधिनियम और जेल सुधार नीतियों के अनुपालन के लिए महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान जिला जेल निरीक्षण समिति के सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी सम्मे सिंह कवंर, संरक्षण अधिकारी ज्योति मिश्रा, पुष्पेन्द्र मरकाम, हर्ष वर्धन सिंह, और जिला जेल अधीक्षक डी.डी. टोण्डर शामिल थे। इसके अलावा, जेल के समस्त कर्मचारी भी निरीक्षण में मौजूद रहे और निरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग किया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने कहा कि यह निरीक्षण किशोर न्याय अधिनियम 2015, राष्ट्रीय किशोर संरक्षण मानकों और जेल नियमों के अनुपालन के लिए नियमित रूप से किया जाता है। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी किशोर बंदी के साथ कोई अत्याचार या विधि उल्लंघन न हो और सभी किशोर सुरक्षित और संरक्षित वातावरण में रह सकें।
जेल निरीक्षण समिति ने यह भी कहा कि जेल कर्मचारियों को नियमित रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि किसी भी किशोर के संदिग्ध प्रवेश की स्थिति में तुरंत उम्र सत्यापन और संरक्षण की प्रक्रिया लागू की जा सके। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किशोर न्याय अधिनियम का पालन करते हुए सभी किशोरों को उचित सुरक्षा और सुधारात्मक प्रक्रिया प्राप्त हो। निरीक्षण समिति ने जेल की समग्र व्यवस्थाओं, बैरक की सफाई, बंदियों के जीवन निर्वाह की स्थिति, चिकित्सा सुविधाओं और अनुशासन के स्तर का भी मूल्यांकन किया। समिति ने जेल कर्मचारियों को आवश्यक सुधारों के लिए मार्गदर्शन और सुझाव दिए। जिला जेल खोखरा का यह निरीक्षण जेल सुधार और किशोर संरक्षण नीतियों की प्रभावशीलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण निरंतर जारी रहेंगे और यदि किसी किशोर के साथ किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो तत्काल संप्रेक्षण गृह में हस्तांतरण और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।