Raipur. रायपुर। रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सांकरा में घरेलू हिंसा का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करने के बाद उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिसमें महिला के सिर में गंभीर चोट आई। घायल महिला को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा-नेवरा में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता सत्या निषाद की शादी वर्ष 2019 में सामाजिक रीति-रिवाज से रिझन निषाद से हुई थी। दंपती के दो छोटे बच्चे भी हैं। घटना 12 दिसंबर की शाम की है। पीड़िता के पिता राजकुमार निषाद ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को उसके ससुराल ग्राम सांकरा छोड़कर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी बेटी का फोन आया। सत्या रोते हुए अपने पिता को बताने लगी कि उसका पति रिझन उसे मार रहा है।
राजकुमार निषाद तुरंत अपनी बेटी के पास पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि सत्या के सिर से खून बह रहा था और उसका पति वहां से फरार हो चुका था। सत्या ने बताया कि उसका पति लंबे समय से उसे लेकर शक करता था और अक्सर उसके चरित्र पर प्रश्न उठाता था। इस बार भी इसी बात को लेकर उसने गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और फिर धारदार हथियार से हमला कर दिया। घटना के बाद ग्रामीण और परिजन मौके पर जमा हो गए। घायल सत्या को पहले गांव में प्राथमिक उपचार दिया गया, उसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा-नेवरा में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने बताया कि महिला की स्थिति गंभीर है और उसे लगातार देखरेख में रखा गया है। इस मामले की सूचना मिलते ही तिल्दा-नेवरा पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता की शिकायत पर आरोपी पति रिझन निषाद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि मामला गंभीर होने के कारण पुलिस टीम को आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने घटना की निंदा की और कहा कि घरेलू हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे समाज में असुरक्षा और भय का माहौल बनता है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए और पीड़ित महिला को सुरक्षा प्रदान की जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू हिंसा के मामलों में अक्सर पीड़िता को मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार की चोटें लगती हैं। इसके लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है। आरोपी पति की तलाश के लिए आसपास के गांवों और शहरों में पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है। साथ ही पुलिस ने पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा देने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। इस घटना ने इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। परिवार के सदस्य और ग्रामीण महिला की सुरक्षा और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घरेलू हिंसा के इस मामले ने यह स्पष्ट किया है कि पारिवारिक विवाद और संदेह कभी-कभी जानलेवा रूप भी ले सकते हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता, पुलिस की तत्परता और समाज की सुरक्षा के उपाय बेहद जरूरी हैं।