फूलों की खुशबू से बदली किसान की किस्मत, एनएचएम योजना से बढ़ी आमदनी

छग

Update: 2026-04-27 13:21 GMT
Raigarh. रायगढ़। रायगढ़ जिले में राज्य शासन की योजनाओं का असर किसानों की जिंदगी में साफ दिखाई देने लगा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन (एनएचएम) योजना के तहत उद्यानिकी फसलों को अपनाकर किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए बेहतर आमदनी हासिल कर रहे हैं। इसी कड़ी में लैलूंगा विकासखंड के ग्राम गमेकेरा के किसान ईश्वरचरण पैकरा ने फूलों की खेती अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है। पहले श्री पैकरा परंपरागत रूप से धान की खेती करते थे, लेकिन सीमित उत्पादन और कम आय के कारण उन्हें अधिक लाभ नहीं मिल पाता था। वर्ष 2025-26 में उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में 0.400 हेक्टेयर भूमि पर गेंदा फूल की खेती शुरू की। विभाग की तकनीकी सहायता और वैज्ञानिक पद्धति अपनाने के बाद उनकी फसल ने बेहतर परिणाम दिए।

धान की खेती में जहां उन्हें लगभग 11 क्विंटल उत्पादन मिलता था, वहीं फूलों की खेती से उन्हें करीब 38 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस उत्पादन से उनकी कुल आमदनी लगभग 3 लाख 4 हजार रुपये तक पहुंची। लागत घटाने के बाद उन्हें करीब 2 लाख 59 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक है। फूलों की खेती से मिली इस सफलता के बाद किसान ईश्वरचरण पैकरा का आत्मविश्वास बढ़ा है। वे अब इस खेती का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। उनके खेत में खिले गेंदा फूलों की रंगीन कतारें उनकी मेहनत और सफलता की कहानी को दर्शा रही हैं।

उनकी इस उपलब्धि ने गांव के अन्य किसानों को भी प्रेरित किया है। अब आसपास के किसान भी उद्यानिकी विभाग से संपर्क कर फूलों की खेती अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। इससे क्षेत्र में कृषि का स्वरूप बदलने लगा है और किसान परंपरागत खेती से आगे बढ़कर वैकल्पिक फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। राज्य शासन की एनएचएम जैसी योजनाएं किसानों को तकनीकी सहायता, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह पहल न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधार रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विकास को भी नई दिशा दे रही है।
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