Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़ बिलाईगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के माधोपाली में रविवार शाम हुए दर्दनाक हादसे के बाद सोमवार सुबह कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुनील शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित माधोपाली पहुंचकर दोनों अधिकारियों ने राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम, पुलिस और ग्रामीणों से राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली। हादसे में ग्राम बड़े घोठला निवासी देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी कार सहित लातनाला के तेज बहाव में बह गए थे, जिनकी तलाश लगातार जारी है। कलेक्टर और एसपी ने मौके पर चल रहे सर्च ऑपरेशन की समीक्षा करते हुए एसडीआरएफ की टीम को तेजी से तलाश अभियान जारी रखने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से भी घटना की पूरी जानकारी ली और यह जानने का प्रयास किया कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार शाम घटना के समय पुल के नीचे से बरसात का तेज पानी बह रहा था। इसके बावजूद कार चालक ने वाहन को पुल पार कराने का प्रयास किया, जिससे कार अनियंत्रित होकर तेज बहाव में बह गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुल के ऊपर और आसपास पानी का तेज बहाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि हादसे के समय घटनास्थल पर 6 से 7 लोग मौजूद थे। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अधिकांश लोग दंपति को बचाने के बजाय मोबाइल फोन से घटना का वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। प्रशासन का मानना है कि यदि तत्काल मौजूद लोगों द्वारा साहस दिखाकर समय पर मदद की जाती, तो संभवतः दंपति की जान बचाई जा सकती थी।
इस पहलू को लेकर प्रशासन ने चिंता जताई है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने लोगों से अपील की कि ऐसी आपात स्थिति में वीडियो बनाने के बजाय तुरंत बचाव कार्य में सहयोग करें और पुलिस, प्रशासन या आपदा राहत दल को तत्काल सूचना दें। वहीं एसपी सुनील शर्मा ने कहा कि बारिश के मौसम में उफनते नालों और पुलों को पार करने का प्रयास बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से लातनाला और आसपास के क्षेत्रों में दंपति की तलाश की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि लगातार हो रही बारिश के दौरान जलभराव वाले मार्गों और तेज बहाव वाले पुलों से दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि इस प्रकार की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।