भाई की हत्या करने वाले भाई को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

छग

Update: 2026-03-20 18:47 GMT
Gharghoda. घरघोड़ा। घरघोड़ा की अपर सत्र न्यायालय ने भाई की हत्या के मामले में आरोपी खेमराज यादव को दोषी ठहराते हुए आजीनवन कारावास की सजा और ₹1,00,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने मृतक की पत्नी को ₹1,00,000 क्षतिपूर्ति दिलाने की अनुशंसा भी की है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर के अनुसार, मामला थाना धर्मजयगढ़ के ग्राम रामपुर का है। मृतक पीतांबर यादव और आरोपी खेमराज यादव सगे भाई थे। दोनों के बीच जमीन बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी खेमराज छोटे भाई पीतांबर यादव के साथ महुआ पेड़ के बटवारे को लेकर बार-बार झगड़ा करता था। घटना दिनांक को घटित हुई जब पीतांबर यादव अपने परिवार के साथ महुआ बीनने गया था। पीतांबर के साथ उसके बच्चे भी थे। तभी खेमराज यादव घटना स्थल पर पहुंचा और धमकाते हुए कहा, "महुआ मत उठाओ, नहीं तो पुराना बदला लूंगा। सबको जान से मार दूंगा।" इसके बाद उसने पीतांबर यादव के पेट में चाकू मार दिया, जिससे पीतांबर यादव गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर ही उसकी मृत्यु हो गई।
जांच और अभियोग पत्र
सूचना मिलने के बाद थाना धर्मजयगढ़ में अपराध पंजीकृत किया गया। तत्कालीन विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक राम आधार उपाध्याय ने मामले की विवेचना शुरू की और सभी साक्ष्यों को एकत्रित किया। इसके बाद अभियुक्त खेमराज यादव के खिलाफ धारा 302 के तहत अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय की सुनवाई
अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने मामले में सभी गवाहों के बयान दर्ज किए और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद खेमराज यादव को अपने छोटे भाई पीतांबर यादव की हत्या करने का दोषी ठहराया। न्यायालय ने खेमराज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और ₹1,00,000 के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय ने मृतक पीतांबर यादव की पत्नी को ₹1,00,000 की क्षतिपूर्ति दिलाने की अनुशंसा की है। इसके साथ ही सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायगढ़ को भी निर्देशित किया गया कि वह मामले की निगरानी करें और परिवार को न्याय सुनिश्चित करें। अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने राज्य की ओर से मामले में पक्ष रखा और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया।
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