सट्टा और जुआ माफियाओं के हौसले बुलंद, मारपीट के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

छग

Update: 2025-10-31 16:11 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में सट्टा और क्रिकेट जुआ का जाल लगातार फैलता जा रहा है। पुलिस की नाक के नीचे चल रहे इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे खुलेआम मारपीट और वसूली करने से भी नहीं डर रहे हैं। ताजा मामला रामसागरपारा इलाके का है, जहां दो युवकों ने सट्टा के पैसों को लेकर एक व्यक्ति के साथ जमकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। जानकारी के मुताबिक, आरोपियों की पहचान नितेश सिन्हा उर्फ शिबू और दादू (उम्र 79) के रूप में हुई है। ये दोनों युवक लंबे समय से रायपुर के चर्चित सट्टा कारोबारियों रानू दुबे, विशाल खंडेलवाल और रोहित बजाज के लिए दलाली और वसूली का काम करते हैं। बताया गया कि ये लोग क्रिकेट सट्टे और अन्य अवैध जुआ कारोबार से जुड़ी रकम की उगाही का जिम्मा संभालते हैं।

घटना 31 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब 11 बजे की है, जब शिबू और दादू रामसागरपारा इलाके में पहुंचे और पैसों की मांग को लेकर विवाद करने लगे। जब पीड़ित ने अवैध वसूली से इंकार किया, तो दोनों ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान पीड़ित को गंभीर चोटें आईं और उसे जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित व्यक्ति ने इसके बाद थाना आजाद चौक में पहुंचकर पूरी घटना की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही कोई ठोस कार्रवाई सामने आई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सट्टा माफियाओं का प्रभाव इतना ज्यादा है कि अब पुलिस भी कार्रवाई से बचती दिख रही है। बताया जा रहा है कि आरोपियों की ओर से पीड़ित पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि भाजपा शासन में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पान दुकान, चाय दुकान चलाने वाले छोटे व्यापारी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं सट्टा और जुआ के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली हो रही है। इलाके के लोगों का कहना है कि रामसागरपारा, मोतीबाग, शास्त्री चौक और फाफाडीह जैसे इलाकों में कई जगह सट्टा कारोबार चल रहा है, जहां रोजाना लाखों रुपए का लेनदेन होता है। इन सट्टा केन्द्रों में युवाओं को फंसाकर जुआ खेलने के लिए उकसाया जाता है, जिससे कई परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं। पुलिस प्रशासन पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि जब सट्टा कारोबारियों के नाम और पते सबको मालूम हैं, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। शहरवासियों ने मांग की है कि सट्टा और जुआ के कारोबार में शामिल सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और पीड़ित को न्याय दिलाया जाए।
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