महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत लेखापरीक्षा दल ने किया निरीक्षण
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Durg. दुर्ग। जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीए) के अंतर्गत 19 मार्च से 21 मार्च 2026 तक विशेष लेखापरीक्षा (स्पेशल ऑडिट) का निरीक्षण किया जा रहा है। इस निरीक्षण का उद्देश्य वर्ष 2025-26 में संचालित कार्यों और समवर्ती गतिविधियों की पूरी समीक्षा करना है। लेखापरीक्षा दल का नेतृत्व वरिष्ठ लेखा अधिकारी संजय कुमार ने टीम लीडर के रूप में किया। टीम में वरिष्ठ लेखाकार रणवीर कुमार सुमन और लोक लेखा अधिकारी मधुसूदन साने भी शामिल हैं। दल द्वारा योजना के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन और निधि प्रवाह से संबंधित अभिलेखों का गहन परीक्षण और सत्यापन किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान टीम ने योजना से संबंधित सभी फाइलें, रजिस्टर, वाउचर और अन्य दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण किया और योजना के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया। टीम ने सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) 2017, नियम 39 के तहत अधीनस्थ प्राधिकरणों को सभी आवश्यक अभिलेख, रिपोर्ट और भुगतान विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जनपद पंचायतों और ग्राम पंचायतों को भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। विशेष निरीक्षण के तहत जनपद पंचायत धमधा के अंतर्गत ग्राम पंचायत नवागांव में कार्यों का स्थल निरीक्षण भी किया गया। इसमें निजी डबरी निर्माण, वृक्षारोपण और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया गया। दल ने यह सुनिश्चित किया कि सभी कार्य योजना के दिशा-निर्देशों और मानक गुणवत्ता के अनुरूप संपन्न हों। निरीक्षण दल ने वित्तीय प्रबंधन के पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया और निधि प्रवाह के अभिलेखों की पारदर्शिता का मूल्यांकन किया।
टीम ने देखा कि सभी भुगतान, वाउचर और दस्तावेज योजना के नियमों के अनुरूप हो। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में आवश्यक सुधारात्मक सुझाव और निर्देश जारी किए गए। इस निरीक्षण का उद्देश्य न केवल योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाना है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और बुनियादी ढांचे के कार्यों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना भी है। निरीक्षण के माध्यम से योजना की समयबद्ध प्रगति और वित्तीय अनुशासन का मूल्यांकन किया जा रहा है। लेखापरीक्षा दल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे लेखापरीक्षण में पूरी तरह सहयोग करें और सभी अभिलेख सही समय पर उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों को भी स्थल निरीक्षण में सहयोग देने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। इस निरीक्षण से यह सुनिश्चित होगा कि एमजीएनआरईजीए योजना के तहत ग्राम स्तर पर किए जा रहे कार्य समय, गुणवत्ता और वित्तीय नियमों के अनुरूप संपन्न हो रहे हैं। साथ ही ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर, जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के कार्य प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहे हैं।