वन भूमि में अवैध कब्जा करने वाले 10 अतिक्रमणकारी गिरफ्तार, दो नाबालिग भी शामिल
छग
Jagdalpur. जगदलपुर। बस्तर जिले के माचकोट इलाके में वन भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। माचकोट रेंज के कक्ष क्रमांक आरएफ 1252 में अतिक्रमणकारियों ने जंगल की कटाई कर वन भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 10 अतिक्रमणकारियों को पेड़ काटते हुए गिरफ्तार किया। पकड़े गए सभी अतिक्रमणकारी सुकमा जिले के छिंदगढ़ के निवासी हैं। आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल हैं। अतिक्रमणकारी कई दिनों से माचकोट क्षेत्र में वन भूमि को खंडित करके कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे।
कानूनी कार्रवाई
वन विभाग ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की सुसंगत धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया। इस मामले में 8 आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला बस्तर के समक्ष और 2 नाबालिगों को प्रधान न्यायिक मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड, जगदलपुर में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा। वयस्क आरोपियों को केंद्रीय जेल, जगदलपुर में और नाबालिगों को बाल संप्रेक्षण गृह, जगदलपुर में भेजा गया।
घटना का महत्व
यह मामला वन भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे और पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के लिए वन विभाग की सतत निगरानी और कार्रवाई की एक महत्वपूर्ण मिसाल है। वन विभाग का कहना है कि जंगल की कटाई और भूमि पर अवैध कब्जा सीधे पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन है। अधिकारी ने बताया कि वन विभाग द्वारा नियमित पेट्रोलिंग और क्षेत्र निरीक्षण के माध्यम से ऐसे अवैध कब्जों को रोका जा रहा है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई का उद्देश्य अन्य संभावित अतिक्रमणकारियों को भी चेतावनी देना है। जगदलपुर के माचकोट इलाके में वन भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा करने के प्रयास के मामले में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई ने वन सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को उजागर किया। वन विभाग की यह कार्रवाई भविष्य में वन अतिक्रमण को रोकने के लिए एक सशक्त संदेश है।