Raipur. रायपुर। गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने अहम निर्णय लिया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर 1 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 तक रायपुर जिले को जलाभाव क्षेत्र घोषित किया गया है। इस दौरान बिना अनुमति नए बोरवेल या नलकूप खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम भूजल स्तर में लगातार गिरावट और गर्मी के मौसम में पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए उठाया गया है। हर साल गर्मी के समय कई इलाकों में जल संकट की स्थिति बनती है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति को नियंत्रित करने और उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए यह रोक लगाई गई है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी को अत्यावश्यक स्थिति में बोर या नलकूप खनन कराना हो, तो इसके लिए संबंधित विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति खनन करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस अवधि में जल संरक्षण और प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की गई है कि पानी का उपयोग सोच-समझकर करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें। साथ ही वर्षा जल संचयन और अन्य जल संरक्षण उपायों को अपनाने की भी सलाह दी गई है। रायपुर जिले में यह फैसला गर्मी के मौसम में जल संकट को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि सीमित जल संसाधनों का सही उपयोग हो और सभी नागरिकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके। आने वाले महीनों में इस आदेश के पालन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।