Mahasamund. महासमुंद। जिले के बागबाहरा क्षेत्र में शासकीय उचित मूल्य दुकानों की व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा श्रीमती नमिता मारकोले ने खाद्य निरीक्षक के साथ मिलकर विभिन्न उचित मूल्य दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानों में खाद्यान्न वितरण की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही स्टॉक पंजी, वितरण रजिस्टर और अन्य आवश्यक अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी रिकॉर्ड अद्यतन और व्यवस्थित रूप से संधारित किए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
एसडीएम नमिता मारकोले ने दुकानदारों को निर्देशित किया कि अप्रैल से जून 2026 तक के तीन माह का खाद्यान्न वितरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को समय पर राशन मिलना प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि कुछ स्थानों पर अभिलेखों के रख-रखाव में सुधार की आवश्यकता है, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित विक्रेताओं को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी उचित मूल्य दुकानों में पारदर्शिता और नियमों का पालन अनिवार्य है।
अधिकारियों ने कहा कि राशन वितरण व्यवस्था आम लोगों की जरूरतों से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की अनियमितता गंभीर मानी जाएगी। यदि कहीं भी खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी, कमी या शिकायत पाई जाती है, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य निरीक्षक ने भी दुकानदारों को निर्देश दिए कि वे वितरण रजिस्टर, स्टॉक की जानकारी और लाभार्थियों की सूची को नियमित रूप से अपडेट रखें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि सभी पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण से क्षेत्र के दुकानदारों में सतर्कता बढ़ी है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आगे भी इस तरह के निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को बेहतर और पारदर्शी बनाया जा सके। कलेक्टर के निर्देशन में चल रही इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और बिना किसी बाधा के मिल सके।