धरसीवां गैंगरेप मामले में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, सिलयारी चौकी प्रभारी निलंबित
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के धरसीवां क्षेत्र में नाबालिग से कथित गैंगरेप के गंभीर मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में सिलयारी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा द्वारा जारी आदेश के बाद की गई है। जारी आदेश के अनुसार, थाना धरसीवां क्षेत्र अंतर्गत सिलयारी चौकी में दर्ज एक गंभीर आपराधिक प्रकरण की जांच में उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे द्वारा गंभीर लापरवाही और उदासीनता बरतने की बात सामने आई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की है।
एसपी रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने आदेश जारी करते हुए कहा कि उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) से संबद्ध किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस पूरे मामले की प्रारंभिक जांच के आदेश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है, जिसके आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील मामलों में जांच की गुणवत्ता और समयबद्ध कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता होती है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरसीवां क्षेत्र में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद यह मामला गंभीर रूप से तूल पकड़ चुका है। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश है और राजनीतिक स्तर पर भी इस मामले ने जोर पकड़ लिया है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में तुरंत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की विभागीय जांच अभी जारी है। प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद यह तय होगा कि जांच प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई और किन अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है। इसके बाद संबंधित दोषियों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़िता को न्याय मिले और मामले में किसी भी प्रकार का दबाव या लापरवाही न हो। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल देखी जा रही है और सभी थाना-चौकियों को निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरती जाए। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जांच में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।