Rajnandgaon. राजनांदगांव। जिले में आयोजित प्री-बोर्ड परीक्षाओं के पश्चात शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित संस्थाओं के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक में प्री-बोर्ड परीक्षा परिणामों का गहन विश्लेषण किया गया। बैठक में जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं पाया गया, उनके प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को ऐसे प्राचार्यों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बैठक की प्रथम पाली में विकासखंड छुरिया एवं डोंगरगांव के संस्था प्रमुखों से कलेक्टर ने सीधे संवाद किया। उन्होंने खराब परिणाम के पीछे के कारणों की विस्तार से जानकारी ली। कलेक्टर ने प्राचार्यों से यह भी पूछा कि किन-किन मुख्य विषयों में विद्यार्थी लगातार अनुत्तीर्ण हो रहे हैं और इन कमजोर विषयों में सुधार के लिए संस्थावार क्या कार्ययोजना बनाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल कारण बताना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि ठोस सुधारात्मक कदम और समयबद्ध योजना प्रस्तुत करनी होगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं, अतिरिक्त मार्गदर्शन, विषयवार रिवीजन प्लान और नियमित मूल्यांकन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता और शैक्षणिक निगरानी पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

राजनांदगांव विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अंतर्गत आने वाले सोमनी, स्टेट हाईस्कूल, महारानी लक्ष्मीबाई हायर सेकेंडरी स्कूल, बल्देव प्रसाद हायर सेकेंडरी स्कूल, बोरी, कन्हारपुरी, डिलापहरी सहित अन्य विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके अलावा छुरिया एवं डोंगरगांव विकासखंड में 10वीं कक्षा के खराब परीक्षा परिणाम को लेकर चांदो हायर सेकेंडरी स्कूल बखस्टोला, रामतराई एवं हालेकोसा के प्राचार्यों को भी नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, तो संबंधित प्राचार्यों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित कर शासन को भेजी जाएगी। जिला प्रशासन का मानना है कि इस सख्ती से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
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