Raipur. रायपुर। कांग्रेस संगठन में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली रवाना हुए। उनके दिल्ली दौरे को प्रदेश कांग्रेस संगठन में चल रही चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने को लेकर पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में नए प्रभारी के स्वागत समारोह के बाद से ही कांग्रेस में हलचल तेज़ हो गई है। वही कई दिनों से छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को भी बदलने की संभावना थी। और छत्तीसगढ़ की वर्तमान स्थिति को देखते हुए कांग्रेस के इस बड़े बदलाव को भी इंकार नहीं किया जा सकता है। 

जनता से रिश्ता ने इससे पहले भी कांग्रेस के विभिन्न प्रदेश संगठनों में बड़े फेरबदल की संभावनाओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब पंजाब कांग्रेस में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पद से इस्तीफा दे दिया है। वड़िंग ने शुक्रवार को दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अपने इस्तीफे की पुष्टि भी की। पंजाब में हुए इस बदलाव के बाद अब दूसरे राज्यों के कांग्रेस संगठनों में भी संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का दिल्ली रवाना होना प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में भी पिछले कुछ समय से संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। प्रदेश प्रभारी से जुड़े बदलाव और उसके बाद संगठन के नेताओं के साथ हुई बैठकों के कारण पहले से ही राजनीतिक हलचल बनी हुई है। अब सिंहदेव के दिल्ली दौरे के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि टीएस सिंहदेव के दिल्ली दौरे का उद्देश्य प्रदेश अध्यक्ष पद में संभावित बदलाव से जुड़ा है या किसी अन्य संगठनात्मक अथवा व्यक्तिगत कार्यक्रम से, इसे लेकर आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। इसलिए उनके दिल्ली जाने को सीधे तौर पर प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव से जोड़ने की पुष्टि फिलहाल नहीं की जा सकती।

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन से इतना जरूर स्पष्ट हुआ है कि कांग्रेस संगठनात्मक स्तर पर बदलाव कर रही है। पंजाब में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे से पहले भी प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की खबरें सामने आई थीं। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से पंजाब इकाई को लेकर संगठनात्मक समीक्षा भी की गई थी। इधर, छत्तीसगढ़ में भी पार्टी के अंदर होने वाली गतिविधियों पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। सूत्रों के स्तर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष में बदलाव की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन पार्टी हाईकमान की ओर से अभी किसी नए नाम या बदलाव की समयसीमा घोषित नहीं की गई है।

टीएस सिंहदेव छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। ऐसे समय में उनका दिल्ली जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, सूत्रों के अनुसार जब राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के प्रदेश संगठनों को लेकर बदलाव की चर्चा चल रही है। उनके दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के केंद्रीय नेताओं से कोई मुलाकात होती है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी। फिलहाल छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर स्थिति अटकलों तक सीमित है। पार्टी की ओर से आधिकारिक निर्णय सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रदेश संगठन में बदलाव होगा या मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी।
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