सिंधी काउंसिल ने मरीन ड्राइव पर किया निशुल्क दीया, रंगोली और फटाके का वितरण, बृजमोहन अग्रवाल हुए थे शामिल
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Raipur. रायपुर। सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव पर दीया, रंगोली और फटाका वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने हिस्सा लिया और आयोजन की सराहना करते हुए उपस्थित जनता को दिवाली की शुभकामनाएं दी। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि पिछले सात दिनों से सिंधी काउंसिल का यह अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है। इस अभियान के तहत “एक दीया श्रीराम के नाम” के उद्देश्य से निःशुल्क दीया, रंगोली और फटाका वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों तक यह सामग्री पहुंचाई जा चुकी है और इस प्रयास के लिए उन्होंने सिंधी काउंसिल की पूरी टीम को बधाई दी।
सांसद ने यह भी कहा कि इस पहल से न केवल लोगों में दिवाली की खुशी बढ़ी है, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना को भी बढ़ावा मिला है। सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने बताया कि इस वर्ष कुल दस हजार रंगोली पैकेट, एक लाख दीए और चार हजार फटाका किट अलग-अलग स्थानों पर वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि वितरण के दौरान बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और पुरुषों ने हृदय से धन्यवाद और आशीर्वाद दिया। सभी ने मिलकर कहा कि इस दिवाली अपने घरों को एक दीया श्रीराम के नाम पर रोशन करेंगे। कार्यक्रम संयोजक नितिन कृष्णानी ने कहा कि दिवाली के इस अवसर पर मरीन ड्राइव पर तैयार वातावरण बेहद उत्साहपूर्ण और सकारात्मक रहा। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में “जय श्रीराम” का उद्घोष किया और आयोजन को सफल बनाने में भाग लिया।
इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ, पार्षद अमर गिदवानी, महिला विंग अध्यक्ष काजल सचदेव, संयोजक नितिन कृष्णानी, और अन्य गणमान्य सदस्य तेजकुमार बजाज, किशोर आहूजा, नरसा लालवानी, सुरेश सचदेव, निलेश तारवानी, जीतू लोहाना, जतिन नचरानी, सुमीत आठवानी, डॉक्टर एन. डी. गजवानी, रितेश वाधवा और धनेश मटलानी शामिल थे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना था। अभियान के तहत सामग्री वितरण के साथ ही जनता को यह संदेश भी दिया गया कि दीपावली का त्योहार सौहार्द्र, भाईचारा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। सिंधी काउंसिल के सदस्यों ने बताया कि यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा और विभिन्न मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर दिवाली की खुशियाँ और रोशनी पहुंचाई जाएगी। इस पहल से बच्चों और युवाओं में भी उत्साह और सांस्कृतिक चेतना बढ़ी है।