रायपुर फेयरवेल पार्टी मारपीट मामले में सिख समाज का आक्रोश, गिरफ्तारी की मांग तेज
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में आयोजित एक फेयरवेल पार्टी के दौरान हुए मारपीट प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर शहर का सिख समाज भारी आक्रोश में है। रविवार को बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग तेलीबांधा थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है, जिसके चलते अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। समाज ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
फेयरवेल पार्टी में हिंसा
मामला रायपुर के प्रतिष्ठित MAIC कॉलेज से जुड़ा है। यहां होटल VW कैनियन में कॉलेज छात्रों की फेयरवेल पार्टी आयोजित की गई थी। पार्टी के दौरान किसी विवाद को लेकर दो छात्रों— भगिन्दर सिंह और अर्शदीप सिंह के साथ अन्य युवकों ने मिलकर मारपीट कर दी। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावर युवकों ने पहले दोनों को घेर लिया और फिर लात-घूंसों और डंडों से हमला किया। घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोग घबराकर इधर-उधर हो गए।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में भगिन्दर सिंह और अर्शदीप सिंह पर हमलावरों की बर्बरता साफ दिखाई देती है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस पर सवाल उठने लगे कि आखिर इतनी गंभीर घटना के बावजूद अभी तक आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
सिख समाज का आक्रोश
घटना से आहत सिख समाज ने तेलीबांधा थाने का घेराव किया। समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस की और आरोप लगाया कि मामले में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित युवक गंभीर रूप से घायल हैं, लेकिन आरोपियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। सिख समाज का कहना है कि यह केवल मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि यह युवाओं की सुरक्षा और समाज के सम्मान का सवाल भी है।
पुलिस पर आरोप – "लापरवाही और पक्षपात"
सिख समाज के नेताओं ने कहा कि पुलिस की भूमिका बेहद संदेहास्पद रही है। एफआईआर दर्ज करने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं पुलिस उन पर नरमी बरत रही है। कई समाजजन ने यह भी आरोप लगाया कि यदि पीड़ित किसी प्रभावशाली परिवार से होते तो अब तक सभी आरोपी जेल में होते।
पुलिस का पक्ष
तेलीबांधा थाना पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि, पुलिस की यह सफाई समाज के आक्रोश को शांत करने में नाकाम रही है।
सिख समाज की चेतावनी
थाने पहुंचे सिख समाज के लोगों ने कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि ऐसे मामलों में यदि त्वरित कार्रवाई नहीं होगी तो अपराधियों का मनोबल और बढ़ेगा और छात्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। यह घटना न केवल एक कॉलेज पार्टी की मारपीट तक सीमित है, बल्कि इससे बड़े सवाल खड़े होते हैं। आखिर क्यों पुलिस एफआईआर के बाद भी तुरंत कार्रवाई नहीं कर रही? छात्रों की सुरक्षा और समाज में विश्वास बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस पर है। यदि समय पर गिरफ्तारी नहीं होती तो इससे प्रशासन की छवि और खराब होगी।