स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया उद्घाटन

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Update: 2025-12-09 16:56 GMT
Durg. दुर्ग। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज जल संसाधन विभाग, दुर्ग के तांदुला संभागीय कार्यालय और उपसंभागीय भवनों का लोकार्पण किया। उद्घाटन समारोह में फीता काटकर नए भवन का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता अहिवारा विधायक डोमनलाल कार्सेवाड़ा ने की। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, तेलघानी विकास बोर्ड अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार साहू, अधीक्षण अभियंता सुरेश कुमार पांडेय, कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारस्वत तथा अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह नया भवन प्रदेश में जल संसाधन प्रबंधन और कृषक हितों के क्षेत्र में उच्च दक्षता, पारदर्शिता और तकनीकी प्रगति का उत्कृष्ट उदाहरण है। पुराना भवन, जो वर्ष 1912 में निर्मित हुआ था, समय के साथ अत्यधिक जर्जर हो गया था और विभागीय कार्य प्रणाली तथा जनता को अपेक्षित सुविधाएं प्रभावित हो रही थीं। नई संरचना को आधुनिक तकनीकी मानकों और जनता-केंद्रित प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार विकसित किया गया है। इस परियोजना की कुल लागत 336.67 लाख रुपये है।

नवीन भवन में अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जैसे दीर्घकालिक स्थायित्व, फ्लाई ऐश ब्रिक आधारित पर्यावरण-सम्मत निर्माण, प्राकृतिक वेंटिलेशन, ऊर्जा-दक्ष प्रकाश और वातानुकूलन प्रणाली, डिजिटाइज्ड ई-ऑफिस अवसंरचना, सुरक्षित अभिलेख कक्ष, बहुउद्देश्यीय बैठक कक्ष और विस्तारित कॉरिडोर। इसके अलावा आगंतुक मार्ग सुरक्षित बनाए गए हैं और भवन की रूपरेखा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलनीय है। मंत्री ने बताया कि यह परिसर दुर्ग जिले में 1.27 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र की सिंचाई योजनाओं, जल संरक्षण एवं अनुरक्षण कार्यों में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। अहिवारा विधायक डोमनलाल कार्सेवाड़ा ने जल संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि जलाशयों में गहरीकरण और सौंदर्यीकरण की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि प्रदूषित जल को सीधे जलाशयों में छोड़ा जा रहा है, जिसे नियंत्रित करना आवश्यक है ताकि जलाशयों की शुद्धता और पर्यावरण संतुलन बना रहे। दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि नए संभागीय कार्यालय के गठन से जिले के विकास की संभावनाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने जल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के जरिए पानी के उपयोग को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने जिले में चल रहे सोखता निर्माण कार्य की जानकारी दी और बताया कि यदि प्रत्येक परिवार अपने घर में सोखता बनाए, तो जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस मौके पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने नए भवन के संचालन में बेहतर प्रशासन, जल संरक्षण और कृषक हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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