Raigarh. रायगढ़। रायगढ़ में सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत स्कूली बच्चों ने रचनात्मक तरीके से आमजन में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया। पुलिस अधीक्षक रायगढ़ दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा-निर्देशन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी तथा डीसीपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में यातायात पुलिस रायगढ़ ने नटवर स्कूल प्रबंधन एवं समाजसेवी संस्था दिव्य शक्ति के सहयोग से सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित किया। इस अभियान के अंतर्गत सड़क सुरक्षा विषय पर आधारित चित्रकला, स्लोगन लेखन और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शहर के 16 स्कूलों के कुल 385 विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह प्रतियोगिता सीनियर और जूनियर वर्ग में संपन्न हुई।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने सड़क दुर्घटनाओं के दुष्परिणाम, यातायात नियमों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता, ओवरस्पीडिंग से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों ने चित्र, स्लोगन और रंगोली के माध्यम से आमजन को जागरूक करने का संदेश दिया। प्रतियोगिता में शामिल रचनाओं और स्लोगनों को देखकर आयोजकों और दर्शकों ने बच्चों की रचनात्मकता और सामाजिक सरोकार की प्रशंसा की। प्रतियोगिता में विजयी छात्रों को सड़क सुरक्षा माह 2026 के समापन अवसर पर सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के विद्यार्थियों ने वालंटियर के रूप में यातायात पुलिस का सहयोग किया।
सड़क सुरक्षा जागरूकता के अगले चरण में 12 जनवरी 2026 को स्कूली बच्चों की यातायात जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली थाना यातायात रायगढ़ से शुरू होकर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए कमला नेहरू उद्यान में समाप्त हुई। रैली का उद्देश्य आमजन को सड़क सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित यातायात नियमों के पालन के प्रति प्रेरित करना था। यातायात पुलिस ने आमजन और वाहन चालकों से विनम्र अपील की है कि वे इस जागरूकता अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर सड़क सुरक्षा के संदेश को समाज तक पहुंचाएं। साथ ही वाहन चालकों को यह भी याद दिलाया गया कि सड़क पर नियमों का पालन करना स्वयं और दूसरों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। पुलिस का संदेश स्पष्ट है- “सड़क सुरक्षा, जीवन सुरक्षा।” यातायात पुलिस का यह प्रयास बच्चों की रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ आमजन को भी सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करता है। इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक प्रभाव डालते हैं और दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार साबित होते हैं।