महावीर निर्वाण दिवस पर नगरीय निकाय क्षेत्र में मांस-मटन बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में मांस-मटन के क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के पालन में रायपुर नगर निगम ने भी अपने क्षेत्र में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नगर पालिक निगम रायपुर के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणिग्रही ने महावीर निर्वाण दिवस 21 अक्टूबर 2025 को संपूर्ण रायपुर नगर निगम क्षेत्र में स्थित सभी पशुवध गृह और मांस-मटन विक्रय करने वाली दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। इस दिन नगर निगम के संपूर्ण परिक्षेत्र में किसी भी प्रकार का मांस-मटन का क्रय-विक्रय नहीं किया जाएगा।
नगर पालिक निगम की महापौर मीनल चौबे के निर्देशानुसार सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारी और जोन स्वच्छता निरीक्षक इस आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक जोन में मांस-मटन विक्रय करने वाली दुकानों पर निरंतर निरीक्षण किया जाएगा ताकि आदेश का सही तरीके से पालन हो। नगर निगम के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि महावीर निर्वाण दिवस जैसे पावन पर्वों पर मांस-मटन की बिक्री पर कड़ाई से प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले होटलों या दुकानों के खिलाफ यथोचित कार्रवाई की जाएगी और बंद कर दी गई सामग्री जब्त की जाएगी। इससे न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का सम्मान सुनिश्चित होगा, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। नगर पालिक निगम ने जनता से अपील की है कि वे महावीर निर्वाण दिवस के दिन मांस-मटन के क्रय-विक्रय से बचें और नियमों का पालन करें।
इसके साथ ही नागरिकों से आग्रह किया गया है कि किसी भी उल्लंघन की सूचना नगर निगम को तुरंत दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। रायपुर नगर निगम का यह कदम महावीर निर्वाण दिवस के पावन महत्व को देखते हुए लिया गया है। नगर निगम का उद्देश्य केवल नियम का पालन कराना नहीं, बल्कि समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना बढ़ाना भी है। साथ ही, यह कार्रवाई नगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि प्रतिबंध केवल 21 अक्टूबर के लिए लागू रहेगा और इस दिन मांस-मटन की किसी भी दुकान या होटल में बिक्री करने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जोन अधिकारी अपने क्षेत्र में सतत निगरानी रखेंगे। इस आदेश का पालन करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और स्वच्छता निरीक्षक लगातार निगरानी करेंगे और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।