फर्जी MBBS और पोस्ट ऑफिस में नौकरी घोटाले मामले में साक्षी सिंह गिरफ्तार

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Update: 2026-03-25 14:09 GMT
Raipur. रायपुर। कमिश्नरेट के DCP सेंट्रल जोन की कार्रवाई में फर्जी एमबीबीएस और बी.ए.एम.एस. डिग्री तथा पोस्ट ऑफिस के विभिन्न पदों में नौकरी देने के नाम पर 2 करोड़ 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी मामले में एक अन्य आरोपी साक्षी सिंह को गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी का आधार पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनके लिंकेजेस से प्राप्त जानकारी थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी साक्षी सिंह ने दिल्ली में अपने वर्तमान पते पर रहते हुए एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर पुणे के डी. वाई. पाटिल विश्वविद्यालय से फर्जी एमबीबीएस और बी.ए.एम.एस. डिग्री तैयार कर अन्य आरोपियों को प्रदान करने की बात स्वीकार की। आरोपी के कब्जे से 03 नग मोबाइल फोन भी जब्त किए गए, जो इस घोटाले में उपयोग किए गए थे।
यह घोटाला 17 फरवरी 2026 को संजय निराला द्वारा थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद उजागर हुआ था। प्रार्थी ने बताया कि भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर, राकेश रात्रे और अन्य ने उन्हें और उनके रिश्तेदारों को पोस्ट ऑफिस में नौकरी लगाने और फर्जी सर्टिफिकेट देने का झांसा देकर कुल 2.34 करोड़ रुपये हड़पे, लेकिन किसी को नौकरी नहीं दी। इस पर थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 96/2026 के तहत धारा 318(4), 335, 336(2), 338(3), 340(1), 340(2), 3(5), 111 बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूर्व में इस मामले में चार आरोपियों – भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे – को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने संलिप्त अन्य आरोपियों की पतासाजी जारी रखी, जिससे साक्षी सिंह का पता दिल्ली में चला और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि साक्षी सिंह पिता स्व. अनिल कुमार सिंह, उम्र 28 वर्ष, स्थायी पता जानकीपुरम, सेन्ट मैरी हॉस्पिटल के पास, विकास नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश है, और वर्तमान पता आरजेडजी, राजनगर 2, थाना पालमनगर, साउथ वेस्ट, नई दिल्ली है। आरोपी को पुलिस हिरासत में लिया गया और अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
DCP सेंट्रल जोन ने कहा कि इस घोटाले की जांच में पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों की पतासाजी की और फर्जी डिग्री घोटाले का पूरा नेटवर्क उजागर किया। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में फर्जी डिग्री और नौकरी घोटाले को रोकने के लिए साइबर और क्षेत्रीय टीमों का सहयोग लिया गया। इस गिरफ्तारी से यह संदेश जाता है कि पुलिस ऐसे घोटालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और फर्जीवाड़े में संलिप्त व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच जारी है और पुलिस ने कहा कि सभी संलिप्त व्यक्तियों को जल्द ही न्याय के सामने लाया जाएगा।
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