Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। जिले के सीमावर्ती पेण्ड्रा-कारिआम मार्ग पर मालवाहक वाहन चालकों ने RTO से जुड़े कर्मचारियों पर कथित अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। वाहन चालकों का दावा है कि सड़क पर सरकारी वाहन खड़ा कर मालवाहक गाड़ियों को रोका जाता है और नो एंट्री तथा ओवरलोडिंग के नाम पर कार्रवाई का डर दिखाकर प्रति वाहन एक हजार रुपये लिए जा रहे हैं। आरोप है कि पैसे लेने के बाद कोई सरकारी चालान या रसीद भी नहीं दी जाती। हालांकि वाहन चालकों के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मामला उस समय सामने आया जब मनेन्द्रगढ़ के एक फल व्यापारी की मालवाहक गाड़ी पेण्ड्रा-कारिआम मार्ग से गुजर रही थी। चालक का आरोप है कि कारिआम RTO बैरियर के पास उसकी गाड़ी को रोक लिया गया। वाहन में ओवरलोडिंग होने की बात कहते हुए जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई। चालक के मुताबिक उसके पास नकद रुपये नहीं थे। उसने इसकी जानकारी वहां मौजूद लोगों को दी तो सरकारी वाहन में बैठे एक व्यक्ति ने कथित तौर पर QR कोड दिखाया और एक हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए कहा। चालक का दावा है कि उसने QR कोड के जरिए एक हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन बदले में उसे कोई सरकारी रसीद या चालान नहीं दिया गया।
स्थानीय वाहन चालकों के अलावा आंध्र प्रदेश से आने वाले कुछ ट्रक चालकों ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उन्हें नो एंट्री में वाहन प्रवेश करने की बात कहकर रोका गया और कार्रवाई से बचने के लिए एक हजार रुपये देने को कहा गया। वाहन चालकों के अनुसार पैसे देने के बावजूद उन्हें किसी तरह की आधिकारिक रसीद नहीं दी गई। कुछ वाहन चालकों का आरोप है कि पेण्ड्रा-कारिआम मार्ग पर मालवाहक वाहनों से इस तरह पैसे लेने का सिलसिला नियमित रूप से चल रहा है। हालांकि इन दावों की विभागीय जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
चालकों के अनुसार कथित कार्रवाई के दौरान एक सरकारी टाटा सूमो वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसका नंबर CG02J5000 बताया गया है। उनका दावा है कि वाहन में चार से पांच लोग मौजूद रहते हैं और रास्ते से गुजरने वाले मालवाहक वाहनों को रोककर दस्तावेज और वाहन से संबंधित जानकारी मांगी जाती है। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। दावा है कि इसमें सरकारी वाहन में वर्दी पहने एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है। आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों ने कथित वसूली को लेकर सवाल करने का प्रयास किया तो संबंधित वाहन वहां से रवाना हो गया। वीडियो और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले को लेकर GPM RTO आनंद शर्मा ने कहा कि यदि किसी तरह का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराया गया है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओवरलोडिंग या नो एंट्री के मामले में नियमानुसार जुर्माना होने पर उसकी रसीद दी जाती है। सरकारी वाहन क्रमांक CG02J5000 के संबंध में आनंद शर्मा ने कहा कि यह वाहन जिले के बाहर का हो सकता है। उन्होंने इसके बिलासपुर स्कॉर्ट से संबंधित वाहन होने की संभावना जताई और कहा कि इस संबंध में फिलहाल उन्हें जानकारी नहीं है। अब वाहन चालकों के आरोपों, कथित ऑनलाइन भुगतान और सामने आए वीडियो की जांच महत्वपूर्ण होगी। QR कोड के जरिए किए गए भुगतान का पैसा किस खाते में गया, यह भी जांच का अहम बिंदु हो सकता है। यदि जांच में बिना सरकारी रसीद दिए वाहन चालकों से रकम लेने की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय हो सकती है। फिलहाल आरोपों की आधिकारिक जांच और विभागीय कार्रवाई का इंतजार है।
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