क्रिस्ट ग्रीन कॉलोनी के रहवासियों का बिल्डर पर गंभीर आरोप, हैंडओवर नहीं देने और धमकी का मामला

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Update: 2026-04-12 11:31 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के कोटा क्षेत्र स्थित क्रिस्ट ग्रीन कॉलोनी में रहवासियों ने बिल्डर रामायण रियल्टर्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है। रहवासियों का कहना है कि बिल्डर ने नगर निगम से कॉलोनी का कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया है, लेकिन अभी तक सोसाइटी का विधिवत हैंडओवर नहीं किया गया है, जबकि मेंटेनेंस का पूरा बोझ रहवासी स्वयं उठा रहे हैं। रहवासियों के अनुसार, नियमों के तहत किसी भी आवासीय कॉलोनी में क्लब हाउस, सड़क, गार्डन, मंदिर और अन्य साझा सुविधाओं को सोसाइटी के नाम ट्रांसफर किया जाना चाहिए, लेकिन बिल्डर इस प्रक्रिया को लगातार टाल रहा है। इससे रहवासियों में नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

आरोप यह भी है कि बिल्डर कॉलोनी की बाउंड्री वॉल को तोड़कर उसे अपने नए प्रोजेक्ट से जोड़ने का प्रयास कर रहा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। रहवासियों का कहना है कि इससे मौजूदा सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ेगा और कॉलोनी की संरचना प्रभावित होगी। विरोध करने पर रहवासियों ने बिल्डर पर धमकी देने, डराने-धमकाने और झूठे मामलों में फंसाने के प्रयास का आरोप लगाया है। कुछ निवासियों ने यह भी कहा है कि असामाजिक तत्वों के माध्यम से उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

रहवासियों ने बताया कि इस पूरे मामले की लिखित शिकायत संबंधित थाने में की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है। उनका कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण स्थिति और गंभीर होती जा रही है। इसके अलावा रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि बिल्डर सोसाइटी के बचे हुए प्लॉट्स का मेंटेनेंस शुल्क भी जमा नहीं कर रहा है, जबकि बाय-लॉज के अनुसार यह उसकी जिम्मेदारी है। इस विषय में बात करने पर भी बिल्डर का रवैया असहयोगात्मक बताया जा रहा है। रहवासियों ने निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं।

उनका कहना है कि कॉलोनी में कई स्थानों पर निर्माण कार्य में खामियां हैं, जो भविष्य में सुरक्षा और सुविधाओं के लिए खतरा बन सकती हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि बिल्डर सोसाइटी की साझा सुविधाओं का उपयोग अपने नए प्रोजेक्ट को बढ़ाने के लिए करने की कोशिश कर रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। स्थानीय लोगों ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन और संबंधित विभागों से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि बिल्डर की मनमानी के कारण वे लगातार परेशान हैं और उन्हें सुरक्षित व शांतिपूर्ण जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल पूरा मामला प्रशासनिक जांच और कार्रवाई की प्रतीक्षा में है।
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