युक्तियुक्तकरण नीति से शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम

छग

Update: 2025-07-09 12:46 GMT
Mahasamund. महासमुंद। राज्य शासन द्वारा लागू युक्तियुक्तकरण नीति से महासमुंद जिले के शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। इस नीति का प्रभाव शासकीय हाई स्कूल मरार कसही बाहरा में विशेष रूप से देखने को मिला है, जहां शिक्षकों की नई व्यवस्थापन में सुधार के साथ शिक्षा की नई रोशनी पहुंची है। शिक्षक भानू चंद्राकर ने बताया कि पूर्व में इस विद्यालय में मिडिल और हाई स्कूल के लिए केवल चार शिक्षक पदस्थ थे, जो दोनों स्तरों पर शिक्षण का कार्य संभालते थे। हाई स्कूल में कोई भी विषय-विशेषज्ञ शिक्षक पदस्थ नहीं था, जिससे विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
शासन की युक्तियुक्तकरण योजना के अंतर्गत अब हाई स्कूल स्तर पर हिंदी एवं अंग्रेज़ी विषयों के व्याख्याताओं की पदस्थापना की गई है। इससे विद्यार्थियों को अब विषयों की गहरी समझ मिल रही है और कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में बेहतर सुधार परिलक्षित हो रहा है। हाई स्कूल में वर्तमान में 39 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जो अब नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं। शिक्षकों की उपलब्धता से विद्यार्थियों और अभिभावकों में भी संतोष का माहौल है।
इस सकारात्मक परिवर्तन से बच्चों के साथ उनके पालक भी निश्चिंत है। युक्तियुक्तकरण नीतियां यदि सुव्यवस्थित रूप से क्रियान्वित की जाएं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर विद्यालयों की आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षकों की पुनः पदस्थापना, संसाधनों का समुचित वितरण और विद्यालयों की निगरानी जैसे उपाय भी इस नीति को मजबूती दे रहे हैं। महासमुंद जिले में युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत अन्य विद्यालयों में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। यह नीति न केवल शिक्षक उपलब्धता को संतुलित कर रही है, बल्कि शैक्षणिक परिणामों को भी प्रभावित करेगा।
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