Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने स्वच्छ ऊर्जा और स्मार्ट सिटी की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना (PM Surya Ghar) के तहत भारत के पहले वर्चुअल नेट मीटरिंग रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट का रायपुर के एक अपार्टमेंट परिसर में शुभारंभ किया। इस पहल को “रायपुर का सोलर सनराइज़” नाम दिया गया है, जो शहर को हरित ऊर्जा की ओर ले जाने वाला मील का पत्थर माना जा रहा है।
इस अभिनव योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब अपार्टमेंट में रहने वाले प्रत्येक फ्लैट को साफ और सस्ती सोलर बिजली मिलेगी, वह भी बिना अलग-अलग रूफटॉप सोलर पैनल लगाए। वर्चुअल नेट मीटरिंग प्रणाली के तहत एक साझा सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली को डिजिटल तरीके से सभी फ्लैट्स में बांटा जाएगा। इससे उन लोगों को भी सौर ऊर्जा का लाभ मिलेगा, जिनके पास निजी छत या रूफटॉप की सुविधा नहीं है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छ ऊर्जा केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में भी बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएम सूर्यघर योजना आम नागरिकों को सस्ती और टिकाऊ बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में क्रांतिकारी साबित हो रही है। रायपुर में इस योजना का सफल शुभारंभ पूरे देश के लिए एक मॉडल बनेगा।
मुख्यमंत्री ने “हमने बनाया है- हम ही संवारेंगे” की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी रायपुर का निर्माण केवल इमारतों से नहीं, बल्कि नवाचार, तकनीक और नागरिकों की भागीदारी से होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सोलर एनर्जी से न केवल बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा, जिससे पर्यावरण को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत अपार्टमेंट परिसर में स्थापित सोलर पैनल से उत्पन्न बिजली का लेखा-जोखा वर्चुअल नेट मीटरिंग के माध्यम से किया जाएगा। प्रत्येक फ्लैट के बिजली बिल में सोलर ऊर्जा का सीधा लाभ दिखेगा। भविष्य में इस मॉडल को रायपुर के अन्य अपार्टमेंट्स और हाउसिंग सोसाइटी में भी लागू करने की योजना है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि रायपुर में शुरू हुआ यह प्रयोग शहरी क्षेत्रों में सोलर एनर्जी को अपनाने की बड़ी बाधा छत की उपलब्धता को खत्म करेगा। इससे मध्यमवर्गीय और अपार्टमेंट संस्कृति वाले शहरों में सौर ऊर्जा का व्यापक विस्तार संभव हो सकेगा। इस लॉन्च के साथ ही रायपुर ने यह संदेश दिया है कि छत्तीसगढ़ न केवल प्राकृतिक संसाधनों में समृद्ध है, बल्कि स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य के निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।