Raipur. रायपुर। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रायपुर यातायात पुलिस ने ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। 10 अगस्त 2026 की रात शहर के 9 प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान नशे में वाहन चलाने वाले 60 चालकों के साथ बिना नंबर के वाहन चलाने वाले 18 चालकों पर भी कार्रवाई की गई। इस दौरान कुल 78 वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के अनुसार, सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात राम कुमार बर्मन और सभी सहायक पुलिस आयुक्त यातायात के नेतृत्व में सोमवार रात शहर के अलग-अलग प्रमुख स्थानों पर वाहनों की जांच की गई। पुलिस टीमों ने आधुनिक ब्रीथ एनालाइजर मशीनों की मदद से वाहन चालकों की जांच की। जांच के दौरान शराब या नशे की अवस्था में वाहन चलाने वालों की पहचान की गई और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने बिना नंबर के वाहनों पर भी सख्ती दिखाई। जांच में कुल 78 वाहन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इनमें 37 कार, 34 दोपहिया वाहन, 4 टाटा एस पिकअप, एक ऑटो मैजिक और 2 ट्रक शामिल थे। पुलिस ने सभी संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार तत्काल वैधानिक कार्रवाई की।
यातायात पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक ड्रंक एंड ड्राइव के कुल 3,842 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। नशे की हालत में वाहन चलाने से सड़क पर दुर्घटना का खतरा काफी बढ़ जाता है। शराब या अन्य नशीले पदार्थों के सेवन के बाद चालक की निर्णय लेने की क्षमता और प्रतिक्रिया का समय प्रभावित होता है। इसके साथ ही वाहन पर नियंत्रण रखने की क्षमता भी कम हो जाती है।
यातायात पुलिस का कहना है कि नशे में वाहन चलाने का असर केवल वाहन चालक तक सीमित नहीं रहता। सड़क पर मौजूद पैदल यात्रियों, दोपहिया वाहन चालकों, कार सवारों और अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। कई बार नशे में वाहन चलाने वाले चालक की एक छोटी सी गलती गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए रायपुर यातायात पुलिस ने ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने नागरिकों से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि शराब अथवा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन करने के बाद किसी भी परिस्थिति में वाहन नहीं चलाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति ने शराब का सेवन किया है तो उसे खुद वाहन चलाने के बजाय सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी या परिवार के किसी सदस्य की मदद लेनी चाहिए।
पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। वाहन चालक यदि यातायात नियमों का पालन करें और नशे की हालत में वाहन चलाने से पूरी तरह बचें तो सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यातायात पुलिस द्वारा लगातार जांच अभियान चलाने का उद्देश्य लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
रायपुर यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अचानक जांच की जा सकती है। आधुनिक ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से नशे की स्थिति में वाहन चलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ
कानून
के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे स्वयं की और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें, वाहन के आवश्यक दस्तावेज और नंबर प्लेट सुनिश्चित रखें तथा यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस के अनुसार जिम्मेदार नागरिक व्यवहार से ही सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त रायपुर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सकता है।
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