Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद अब ईडी उनसे शराब घोटाले के अलावा कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन को लेकर पूछताछ करेगी। मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय अब उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत पूछताछ की तैयारी में है। जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास करेगी कि कथित वित्तीय लेन-देन किस तरह हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। शराब घोटाले के साथ कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े लेन-देन को लेकर भी ईडी उनसे सवाल कर सकती है।
रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी की पुष्टि ईडी की ओर से मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने की है। उन्होंने बताया कि रामगोपाल अग्रवाल को ईडी की हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसी अब उनसे पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड की मांग करेगी। इसके लिए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने की तैयारी की जा रही है। ईडी की कार्रवाई के बाद अब अदालत में होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसी रिमांड हासिल कर रामगोपाल अग्रवाल से कथित वित्तीय लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों पर पूछताछ करना चाहती है।
रिमांड के दौरान ईडी दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ कर सकती है। छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला मामला लंबे समय से जांच एजेंसियों की कार्रवाई के केंद्र में रहा है। इस मामले में कथित तौर पर शराब कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन और उससे संबंधित गतिविधियों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। अब रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी से इन मामलों की जांच में नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है। ईडी यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि शराब घोटाले से जुड़े कथित लेन-देन का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। इसके अलावा कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से संबंधित वित्तीय गतिविधियों के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है। हालांकि इन सभी पहलुओं पर स्थिति ईडी की पूछताछ और आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।