रायपुर पुलिस ने बस संचालकों को दिए सुरक्षा के निर्देश

छग

Update: 2026-07-20 15:23 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने बस संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला के निर्देशानुसार 20 जुलाई 2026 को सिविल लाइन स्थित सी/4 भवन के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में 20 से अधिक बस संचालक शामिल हुए। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस और बस संचालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था, ताकि सार्वजनिक परिवहन माध्यमों का उपयोग किसी भी अवैध गतिविधि के लिए न किया जा सके। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बस संचालक परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी सतर्कता से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) गौरव मंडल और अनुज कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम एवं साइबर) संजय सिंह एवं नरेश पटेल सहित एसीसीयू के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बस संचालकों को सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने सभी बस संचालकों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीन कार्यरत चालक, परिचालक (क्लीनर) और अन्य कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं। इसके साथ ही कर्मचारियों के आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल नंबर, स्थायी और वर्तमान पते, फोटो सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना पुलिस सत्यापन किसी भी नए कर्मचारी को काम पर नहीं रखा जाए। पुलिस का कहना है कि कर्मचारियों की पूरी जानकारी उपलब्ध होने से किसी भी आपराधिक घटना की जांच में मदद मिलती है और संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सकती है। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर विशेष चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एवं साइकोट्रॉपिक पदार्थों की अवैध तस्करी रोकना पुलिस की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। बस संचालकों को निर्देश दिया गया कि किसी भी परिस्थिति में बसों के माध्यम से प्रतिबंधित मादक पदार्थों का परिवहन नहीं होना चाहिए। पुलिस ने कहा कि यदि किसी यात्री, पार्सल या अन्य माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी की आशंका नजर आती है तो तत्काल इसकी सूचना नजदीकी थाना, पुलिस कंट्रोल रूम या एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट को दी जाए। अधिकारियों ने कहा कि समय पर सूचना मिलने से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है। बैठक में संदिग्ध पार्सलों को लेकर भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने कहा कि बिना नाम, पहचान या वैध प्रेषक और प्राप्तकर्ता विवरण वाले पार्सल स्वीकार नहीं किए जाएं। सभी पार्सलों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा जाए और किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए।

अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई लावारिस बैग, संदिग्ध सामान या विस्फोटक जैसी वस्तु दिखाई दे तो उसे स्वयं खोलने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाए। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी बस संचालकों को दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस ने कहा कि यात्रियों से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज की जाए और बिना पहचान वाले संदिग्ध व्यक्तियों को यात्रा कराने से बचा जाए। यात्रा के दौरान यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध व्यवहार करता है या अवैध सामग्री ले जाते हुए दिखाई देता है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा बस स्टैंड और बसों में लगे सीसीटीवी कैमरों को हमेशा चालू रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ किसी भी घटना की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैठक के अंत में सभी बस संचालकों ने पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराध नियंत्रण और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
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