Raipur. रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर ने राजस्व वसूली अभियान के तहत बकाया कर जमा नहीं करने वाले दो बड़े बकायादारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है। नगर निगम जोन क्रमांक-1 के राजस्व विभाग की टीम ने वार्ड क्रमांक-3 के गोगांव क्षेत्र में स्थित दोनों बकायादारों के संबंधित संस्थानों को सील कर दिया। दोनों पर नगर निगम का कुल छह लाख 78 हजार 143 रुपये बकाया था। बार-बार निर्देश दिए जाने के बाद भी राशि जमा नहीं होने पर नियमानुसार सीलबंदी की कार्रवाई की गई।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई निगम आयुक्त संबित मिश्रा के आदेश पर की गई। अपर आयुक्त राजस्व लोकेश्वर साहू, उपायुक्त राजस्व डॉ. अंजलि शर्मा और जोन क्रमांक-1 के कमिश्नर अंशुल शर्मा सीनियर के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम गोगांव पहुंची। टीम ने संबंधित संस्थानों की जांच और बकाया राशि का मिलान करने के बाद सीलबंदी की प्रक्रिया पूरी की। कार्रवाई के दौरान गोगांव निवासी जगदीश छाबरिया और अमित छाबरिया से संबंधित संस्थान पर दो लाख 18 हजार 84 रुपये का बकाया पाया गया। वहीं जगदीश रूपेरा से संबंधित संस्थान पर चार लाख 60 हजार 59 रुपये की राशि बकाया थी। इस प्रकार दोनों बकायादारों पर कुल छह लाख 78 हजार 143 रुपये का भुगतान लंबित था।
बताया गया कि संबंधित बकायादारों को नगर निगम की बकाया राशि जमा करने के लिए आवश्यक सूचना दी गई थी। इसके बावजूद निर्धारित समय तक रकम निगम के खाते में जमा नहीं कराई गई। भुगतान नहीं होने पर राजस्व विभाग ने प्रकरणों में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों संस्थानों को तत्काल सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया भी पूरी की गई। नगर निगम का कहना है कि संपत्ति कर और अन्य नगर निगम करों से प्राप्त राजस्व का उपयोग शहर में नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा बुनियादी सेवाओं के संचालन में किया जाता है। लंबे समय तक कर जमा नहीं करने से निगम की राजस्व वसूली प्रभावित होती है। इसी कारण बड़े बकायादारों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध अभियान के रूप में कार्रवाई की जा रही है।
जोन क्रमांक-1 के राजस्व विभाग की टीम ने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी सात वार्डों में बड़े बकायादारों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अभियान चलाया। इस दौरान पुराने बकाया प्रकरणों की समीक्षा करने के साथ संबंधित संस्थानों और संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई। जिन बकायादारों द्वारा नोटिस और निर्देश के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ सीलबंदी सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। नगर निगम प्रशासन ने बकायादारों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचने के लिए अपनी लंबित राशि शीघ्र जमा करें। निगम ने स्पष्ट किया है कि भुगतान में लगातार लापरवाही करने वालों को अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। संबंधित प्रकरणों में निर्धारित नियमों के अनुसार वसूली और सीलबंदी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
सीलबंदी की कार्रवाई जोन कमिश्नर अंशुल शर्मा सीनियर के मार्गदर्शन में पूरी की गई। कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता द्रोनी कुमार पैकरा, जोन सहायक राजस्व अधिकारी मनीष मरकाम, राजस्व निरीक्षक आशीष शर्मा एवं संतोष साहू तथा सहायक राजस्व निरीक्षक अरविंद छेदइया और राहुल यादव मौजूद रहे। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम ने मौके पर बकाया राशि से संबंधित अभिलेखों की जांच करने के बाद संस्थानों पर सील लगाई। नगर निगम प्रशासन के मुताबिक, जोन क्रमांक-1 के सभी सात वार्डों में बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर चरणबद्ध ढंग से कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग की टीम बकाया भुगतान की स्थिति पर लगातार नजर रखेगी। राशि जमा नहीं करने वाले अन्य बड़े बकायादारों के संस्थानों और संपत्तियों पर भी आने वाले दिनों में सीलबंदी की कार्रवाई की जा सकती है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि राजस्व वसूली का यह विशेष अभियान निरंतर जारी रहेगा।