Raipur Breaking: अवैध वसूली कांड में वीरेंद्र सिंह तोमर की पत्नी नेहा तोमर गिरफ्तार
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ऋणियों से अवैध वसूली और धमकाकर जमीन रजिस्ट्री कराने के गंभीर आरोपों से जुड़े एक बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपिया शुभ्रा सिंह उर्फ नेहा तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। मामला रायपुर के थाना पुरानी बस्ती क्षेत्र अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 230/2025 से जुड़ा है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 111(1) तथा छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम की धारा 4 के तहत आरोप तय किए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
इस कार्रवाई को रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पश्चिम श्री दौलत राम पोर्ते और एएसपी शहर श्री लखन पटले के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री राजेश देवांगन के पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया। पुलिस को इस प्रकरण में लंबे समय से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिनकी गंभीरता को देखते हुए यह कार्रवाई की गई।
पूर्व में फरार चल रहा था मुख्य आरोपी रोहित सिंह तोमर
जानकारी के अनुसार, तेलीबांधा थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 332/2025 के तहत रोहित सिंह तोमर के खिलाफ पहले ही धारा 296, 115(2), 351(2), और 3(5) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी के फरार होने की सूचना पर जब पुलिस ने साईं विला, भाटागांव स्थित उसके निवास स्थान पर दबिश दी, तो वहां से वह फरार मिला। हालांकि पुलिस ने सर्च वारंट के तहत तलाशी के दौरान वहां से जमीन खरीदी-बिक्री से संबंधित दस्तावेज, कोरे स्टांप, हस्ताक्षरित और अपूर्ण चेक बरामद किए, जिन्हें जब्त कर थाना पुरानी बस्ती को अग्रिम जांच हेतु भेजा गया।
गवाहों के बयान ने खोला राज
पुलिस ने जब मामले की विवेचना आगे बढ़ाई, तो कई गवाहों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उनके अनुसार, रोहित सिंह तोमर, वीरेंद्र सिंह तोमर और उनके परिवार के अन्य सदस्य, जिनमें शुभ्रा सिंह उर्फ नेहा तोमर भी शामिल हैं, ने उधार देने के एवज में कोरे चेक और स्टांप पर जबरन हस्ताक्षर करवा कर उन्हें बतौर सुरक्षा अपने पास रखा। इसके बाद उनपर दबाव बनाकर, जान से मारने और जेल भेजने की धमकी देते हुए, मनमाने ब्याज के साथ मूल राशि की वसूली की जाती थी। गवाहों ने यह भी बताया कि आरोपियों ने धमकी देकर औने-पौने दामों पर उनकी जमीन रजिस्ट्री करवा ली थी।
महिलाओं का इस्तेमाल और खाते में पैसे
प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपित समूह केवल पुरुष सदस्य ही नहीं, बल्कि परिवार की महिलाएं, विशेष रूप से शुभ्रा सिंह उर्फ नेहा तोमर, भी इस कर्ज वसूली के नेटवर्क में शामिल थीं। कई बार ब्याज की रकम को शुभ्रा सिंह के बैंक खाते में जमा कराया गया। इस तथ्य ने पुलिस को इस निष्कर्ष पर पहुंचाया कि वह केवल नाम मात्र की नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी निभा रही थीं।
गिरफ्तारी और न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
प्रारंभिक पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर शुभ्रा सिंह उर्फ नेहा तोमर को 13 जून 2025 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में पूछताछ कर पंचनामा तैयार किया और आरोप सिद्ध होते ही उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
प्रकरण में आगे और गिरफ्तारी संभव
पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला एक संगठित अवैध वसूली गिरोह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, जिसमें आरोपित परिवार द्वारा योजनाबद्ध तरीके से आम नागरिकों को डराकर वसूली की जाती थी। पुलिस अब फरार चल रहे अन्य आरोपियों – रोहित सिंह तोमर, वीरेंद्र सिंह तोमर और दिव्यांश तोमर – की तलाश में भी जुट गई है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।