Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां ट्रैफिक थाना फाफाडीह के ठीक सामने खड़ी जब्त मेटाडोर अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ली गई। यह घटना तब हुई जब वाहन पुलिस कस्टडी में सुरक्षित माना जा रहा था, लेकिन दो दिन बाद ही वाहन गायब हो गया। जानकारी के अनुसार, मेटाडोर क्रमांक CG 12 BH 3683 को 7 अप्रैल को यातायात पुलिस ने प्रतिबंधित मार्ग में प्रवेश करने पर जब्त किया था। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 115/194 के तहत कार्रवाई करते हुए वाहन को फाफाडीह ट्रैफिक थाना के सामने खड़ा किया गया था। वाहन चालक को दस्तावेजों के साथ 8 अप्रैल की सुबह 11 बजे उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।
बताया जा रहा है कि वाहन को जब्त करने के बाद दो दिनों तक उसे थाना परिसर के सामने ही खड़ा रखा गया था। लेकिन 9 और 10 अप्रैल की दरमियानी रात अज्ञात चोर मौके का फायदा उठाकर मेटाडोर लेकर फरार हो गए। जब अगले दिन पुलिसकर्मियों ने वाहन की जांच की तो वह गायब मिला, जिसके बाद हड़कंप मच गया। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में वाहन की तलाश शुरू की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो मामले की शिकायत गंज थाने में दर्ज कराई गई। यातायात थाना फाफाडीह में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) केशरी कुमार साहू ने औपचारिक रूप से चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वाहन को कौन और कैसे ले गया। पुलिस ने संदिग्धों की पहचान और वाहन की बरामदगी के लिए अलग-अलग टीमें भी गठित की हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा और वाहन भी बरामद कर लिया जाएगा। फिलहाल जांच सभी संभावित पहलुओं पर की जा रही है, जिसमें यह भी देखा जा रहा है कि यह चोरी सुनियोजित थी या सुरक्षा में चूक का परिणाम।
इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और जब्त वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर जब्त वाहनों को थानों की निगरानी में सुरक्षित रखा जाता है, लेकिन इस मामले में थाना परिसर के सामने से ही वाहन चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर हैरानी जताई है और कहा है कि जब पुलिस के सामने से ही वाहन चोरी हो सकते हैं, तो आम जनता की संपत्ति कितनी सुरक्षित है, यह बड़ा सवाल है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और जल्द खुलासे का दावा कर रही है। यह मामला रायपुर पुलिस के लिए एक चुनौती बन गया है।