रायगढ़ पुलिस का जन संवाद कार्यक्रम, नशा और सट्टा उन्मूलन को लेकर 4 जुलाई को होगा आयोजन
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Raigarh. रायगढ़। जिले में नशा, सट्टा और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 4 जुलाई 2026 (शनिवार) को नगर निगम ऑडिटोरियम, रायगढ़ में शाम 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित होगा। पुलिस की ओर से जारी संदेश में नागरिकों से अपील की गई है कि वे नशा और सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर समाज को सुरक्षित, स्वच्छ और संस्कारवान बनाने में सहयोग करें। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें” और “सट्टा छोड़ें, समाज जोड़ें” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक करना है।
जन संवाद का उद्देश्य
रायगढ़ पुलिस ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनता, प्रशासन और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि समाज में फैल रही नशे की समस्या और अवैध सट्टा गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसी तरह सट्टा जैसी गतिविधियां आर्थिक और सामाजिक असंतुलन पैदा करती हैं। इन समस्याओं को रोकने के लिए जन सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
व्यापक सहभागिता की अपील
इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, बुद्धिजीवी वर्ग, एनजीओ, सामाजिक संगठन, महिला संगठन, प्रेस प्रतिनिधि और जिले के आम नागरिकों को आमंत्रित किया गया है। पुलिस का मानना है कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से ही इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ मजबूत अभियान चलाया जा सकता है।
सुरक्षित समाज की दिशा में प्रयास
रायगढ़ पुलिस द्वारा जारी संदेश में कहा गया है कि “जन संवाद, जन विश्वास और सुरक्षित समाज” की अवधारणा के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करना और पुलिस-जन संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होकर समाज सुधार की इस पहल का हिस्सा बनें।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे नशा और सट्टा जैसी बुराइयों से दूर रहें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ समाज ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव होता है। कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस यह संदेश देना चाहती है कि सामाजिक सुधार केवल कानून से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और जागरूकता से ही संभव है।