Raigarh. रायगढ़। शहर में शांति भंग करने वाले वाहनों और शोरगुल मचाने वाले बाइक चालकों पर कोतरारोड़ पुलिस ने शिकंजा कसा है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में वाहन चालकों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। इसी क्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर तेज आवाज में पल्सर बाइक दौड़ाने वाले एक युवक को पकड़कर उसके खिलाफ कोलाहल अधिनियम 1985 के तहत कठोर कार्रवाई की है। घटना की जानकारी के अनुसार, टीआई मोहन भारद्वाज अपने सहयोगी प्रधान आरक्षक करूणेश राय के साथ पेट्रोलिंग पर थे। पेट्रोलिंग के दौरान उन्होंने चिराईपानी वार्ड क्रमांक 01 में बजाज पल्सर 200 आरएस को रोककर जांच की। बाइक चालक की पहचान विशाल यादव (23 वर्ष), पिता सिपाही यादव, निवासी इंदिरा निवास, किरोड़ीमल नगर के रूप में हुई। जांच में पाया गया कि विशाल यादव ने अपने पल्सर बाइक में मॉडिफाई साइलेंसर लगाया था, जिससे अत्यधिक तेज आवाज निकल रही थी।
बाइक की कान फाड़ने वाली आवाज से आसपास के राहगीरों और स्थानीय निवासियों में घबराहट और आक्रोश फैल गया था। शोर के कारण बच्चों, वृद्धों और अन्य राहगीरों की दिनचर्या बाधित हो रही थी। इसके चलते पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बाइक और आरसी कार्ड को जब्त कर लिया। घटना स्थल पर गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया और आरोपी के खिलाफ कोलाहल अधिनियम 1985 की धारा 11(1) और 15 के तहत मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने बताया कि शहर में इस तरह के मॉडिफाई साइलेंसर वाले वाहन आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। यह वाहन सड़क पर न केवल शोरगुल मचाते हैं, बल्कि दुर्घटना का भी खतरा बढ़ाते हैं। ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई से लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ती है और शांति कायम रहती है। उन्होंने बताया कि प्रधान आरक्षक करूणेश राय की विशेष भूमिका रही।
जिन्होंने पेट्रोलिंग के दौरान कार्रवाई में मदद की और घटनास्थल पर पंचनामा तैयार करने में सक्रिय भागीदारी निभाई। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि शहर में शांति भंग करने वाले अन्य मॉडिफाई वाहनों की भी लगातार निगरानी की जा रही है। आने वाले दिनों में भी ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मॉडिफाई साइलेंसर वाले वाहन आम लोगों के लिए स्वास्थ्य और मानसिक शांति दोनों के लिए हानिकारक हैं। कानों में तेज आवाज के कारण सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, वहीं अचानक तेज आवाज से सड़क पर दुर्घटना का खतरा भी रहता है। इस प्रकार की कार्रवाई से न केवल वाहन चालक की चेतना बढ़ती है, बल्कि शहर में सामाजिक अनुशासन भी कायम रहता है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ते शोर और मॉडिफाई वाहनों की वजह से बच्चों और वृद्धों के लिए सड़क पर निकलना कठिन हो गया था। पुलिस की इस कार्रवाई से नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई है। इस अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शांति भंग करने वाले वाहन चालकों पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहन चलाने वालों को चेतावनी है कि वे मॉडिफाई साइलेंसर और अन्य हानिकारक उपकरणों का प्रयोग बंद करें, अन्यथा उनका वाहन जब्त किया जाएगा और उन्हें कानून के अनुसार सजा भुगतनी होगी।